“शहीद भगत सिंह सोसाइटी सिंदरी का 25 वर्षों बाद भव्य महामिलन”

Share This News

लंबे अंतराल के बाद शहीद भगत सिंह सोसाइटी की सांस्कृतिक टीम ने ऑफिसर्स क्लब, सिंदरी में एक भव्य पुनर्मिलन समारोह का आयोजन किया, जिसने शहर के पुराने सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल को फिर से जीवंत कर दिया। इस मिलन को लगभग 25 साल बाद आयोजित किए जाने के कारण प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

संस्थापक काली सेन गुप्ता ने बताया कि सोसाइटी की शुरुआत 1983 में रेनबो क्लब के सहयोग से आरएम–4 कॉलोनी में हुई थी, जिसका मुख्य लक्ष्य युवाओं में समाज सुधार और देशहित की सोच विकसित करना था। उस समय सोसाइटी के कार्यक्रमों में शहीद भगत सिंह की विचारधारा को लोगों तक पहुँचाने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक गतिविधियाँ भी शामिल थीं।

बीते वर्षों में सोसाइटी ने शहादत दिवस पर प्रभात फेरी, बच्चों की प्रतियोगिताएँ, अस्पतालों में रक्तदान शिविर, फल वितरण, और नाटक–गीत–कविता जैसे कई जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से किए।
इसके अलावा, सोसाइटी ने गरीब बच्चों के लिए भगत सिंह मेमोरियल स्कूल और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कोऑपरेटिव संस्था जैसी पहलें शुरू कीं, जिससे उस दौर में अनेक स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिले।

एफसीआई के बंद होने के बाद धीरे-धीरे सांस्कृतिक गतिविधियाँ कम हो गईं और सदस्य अलग-अलग दिशाओं में व्यस्त हो गए। लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से पुराने साथियों ने दोबारा संपर्क बनाया, और इसी पहल ने वर्षों से बिछड़े सदस्यों को फिर एक मंच पर ला दिया।

8 से 10 नवंबर 2025 के बीच आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से पूर्व सदस्य अपने परिवारों के साथ पहुंचे। रेनबो क्लब और सोसाइटी की टीमों ने संयुक्त रूप से सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे पूरा माहौल उत्सवमय हो गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एफसीआई सिंदरी यूनिट प्रभारी देवदास अधिकारी उपस्थित रहे। महिला समिति, एसएफआई, नौजवान सभा के पूर्व कार्यकर्ताओं और अनेक सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति से आयोजन को खास बनाया। साथ ही, वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित भी किया गया।

यह पुनर्मिलन केवल एक समारोह नहीं था—यह उस विरासत को फिर से जीवित करने का प्रयास भी था जो कभी सिंदरी क्षेत्र की पहचान हुआ करती थी। आयोजकों का कहना है कि यह मिलन आने वाले समय में सिंदरी की सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को फिर से गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

Leave a comment