नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस चुनाव में वह अधिक जनसभाएँ भले न कर पाए हों, लेकिन जहाँ भी पहुँचे, वहाँ लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कर लोकतंत्र को मजबूत बनाया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इस बार स्थिरता और निरंतरता चाहती है, इसलिए प्रथम चरण के मतदान में लोगों ने अनुभव और काम को महत्व दिया है।
उन्होंने कहा कि बिहार के मतदाता अब विकास को लेकर अधिक गंभीर हैं और भावनात्मक भाषणों से प्रभावित नहीं होते। पिछले वर्षों में प्रदेश ने शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना में कई सकारात्मक बदलाव देखे हैं, जिसे आगे बढ़ाने की इच्छा जनता में दिखाई दे रही है।
तेजस्वी ने कहा कि पिछले दो दशकों में राज्य ने कई चुनौतियों के बावजूद प्रगति की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उद्योग, तकनीक, सड़क और बिजली की उपलब्धता में जो सुधार हुए हैं, जनता उन प्रयासों को देख भी रही है और सराह भी रही है। उन्होंने माना कि बेरोज़गारी और पलायन अभी भी चुनौतियाँ हैं, लेकिन इनके समाधान के लिए व्यवहारिक और दीर्घकालिक कदमों की आवश्यकता है, न कि केवल वादों की।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक संवाद गरिमा से होना चाहिए। उन्होंने किसी के भाषण या अभियान शैली पर टिप्पणी किए बिना कहा कि चुनाव में भाषा संयमित और मुद्दे आधारित रहनी चाहिए, ताकि देश और राज्य की छवि मजबूत हो।
उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि सभी दल अपने-अपने नेताओं और प्रत्याशियों के चयन में पारदर्शिता रखें। किसी भी पार्टी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विवादित छवि या गंभीर मामलों से जुड़े लोग चुनावी मैदान से बाहर रहें। राजनीति को स्वच्छ और जवाबदेह बनाना सभी की जिम्मेदारी है।
तेजस्वी ने कहा कि चुनाव आयोग ने अबतक प्रथम चरण के मतदान से संबंधित आंकड़ों को अपडेट किया है और तकनीकी कारणों से कहीं थोड़ी देर भी हो तो इसे व्यवस्थित तरीके से स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आयोग पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखेगा, जिससे जनता का भरोसा मजबूत रहे।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों का चुनाव बतौर राष्ट्रीय जिम्मेदारी के तहत होता है और केंद्र व राज्य मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो। उन्होंने कहा कि किस राज्य से कितनी कंपनियाँ आती हैं, यह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी नेता को यह नहीं कहना चाहिए कि अधिकारी किसी राजनीतिक दल के निर्देश पर काम कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि शासन-प्रशासन अपनी संवैधानिक भूमिका को निभा रहा है और मतदाता भी पूरी सजगता के साथ चुनाव में भाग ले रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विकास तभी संभव होगा जब सब मिलकर योजनाओं को गंभीरता से लागू करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल विकास और उद्यमिता से जोड़ना होगा, ताकि सरकारी नौकरी के बजाय बहुआयामी अवसर पैदा हो सकें।
उन्होंने कहा कि किसान कल्याण, पंचायत प्रतिनिधियों का सशक्तिकरण, महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान, और कानून व्यवस्था को मजबूत करना किसी भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध, भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिक तनाव को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ इस तरह बनाई जानी चाहिए कि जरूरतमंदों को समय पर लाभ मिले, और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए आय-वृद्धि आधारित योजनाएँ लानी होंगी, न कि एकमुश्त राशि देने से समस्या हल होगी।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि दूसरे चरण में भी शांति, विवेक और जागरूकता के साथ मतदान करें ताकि बिहार एक स्थिर और संतुलित भविष्य की ओर आगे बढ़ सके।
इस मौके पर राष्ट्रीय जनता दल के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने शांतिपूर्ण चुनाव की अपील की।