उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन ने होमगार्ड बहाली प्रक्रिया के तहत चयनित अभ्यर्थियों के चल रहे मेडिकल जांच एवं मूल प्रमाण पत्रों के सत्यापन कार्य का आज औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया।
सत्यापन कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 4 टीमों का गठन किया गया है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों की शारीरिक व चिकित्सकीय जांच के लिए एक मेडिकल टीम भी तैनात है।
उपायुक्त ने कहा कि सभी चयनित अभ्यर्थियों को सत्यापन हेतु स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है। अभ्यर्थी अपने सभी शैक्षणिक, तकनीकी व आवासीय प्रमाण पत्रों की मूल प्रतियां एवं स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रतियां साथ लेकर आएं।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने या अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर संबंधित अभ्यर्थी के विरुद्ध झारखण्ड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के सुसंगत प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने दोहराया कि जिला प्रशासन ने होमगार्ड भर्ती परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और शुचिता के साथ संपन्न कराया है। ठीक उसी मानक के तहत मेडिकल और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को भी पूर्ण कराया जाएगा ताकि केवल योग्य अभ्यर्थियों का ही अंतिम चयन सुनिश्चित हो सके।