जिले की हर सहिया सावित्रीबाई फुले और फुलो-झानो बनकर समाज में व्याप्त बाल विवाह, भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियां को खत्म करें तथा लोगों को पौधारोपण कर पर्यावरण का संरक्षण करें। यह तब संभव होगा जब सहिया लोगों को इसके लिए जागरूक करेगी।
यह बातें उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन ने आज न्यू टाउन हॉल में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा आयोजित जिला स्तरीय सहिया सम्मेलन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि हर ग्रामीण सहिया को पहचानता है। उनकी वजह से गांव का हर व्यक्ति स्वस्थ हो पाता है। सभी सहियाओं ने विगत एक साल में उत्कृष्ट काम किया है। जिला प्रशासन को सहिया पर गर्व और भरोसा है।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य से संबंधित सभी आधारभूत संरचनाओं को बेहतर बना रहा है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं हेल्थ सब सेंटर का सुदृढ़ीकरण जारी है।
उपायुक्त ने माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने जिले को 300 से अधिक स्वास्थ्य उप केंद्र दिए हैं। आने वाले सात आठ महीने में सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव की सुविधा मिलेगी। इससे शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल तथा सदर अस्पताल पर दबाव कम होगा।
उपायुक्त ने कहा कि सभी सहिया सरकार, स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन की छवि है। इसलिए सबके साथ अच्छा व्यवहार करें। उनकी उपलब्धता और आमजनों को समय देने से लोगों की बीमारी दूर होती है। उन्होंने जनता का विश्वास जीता है। इस विश्वास को और सशक्त करें। मरीज को सही समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। प्राथमिकता देकर मरीज का सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में ही इलाज कराएं।
उपायुक्त ने कहा कि सभी सहिया माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय स्वास्थ्य मंत्री की सोच को धरातल पर उतारने का प्रयास करें। उन्हें जिला प्रशासन द्वारा सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। साथ में उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने वाले मार्ग में यदि कोई बाधा है तो जिला प्रशासन को बताने का आग्रह किया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज ने कहा कि सभी सहिया स्वास्थ्य विभाग के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वे समाज में व्याप्त विभिन्न प्रकार की भ्रांतियां एवं कुरीतियों को समाप्त कर सकती हैं। इनके बदौलत सभी योजनाएं धरातल पर पहुंचती है। जिसके कारण स्वास्थ्य सेवाओं में धनबाद ने अप्रत्याशित प्रगति की है।
उप विकास आयुक्त ने सभी सहिया से बारिश के मौसम में बरतने वाली सावधानियों के प्रति लोगों को जागरूक करने का अनुरोध किया। साथ में कहा कि हर स्वास्थ्य केंद्र में सर्पदंश एवं एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध है। इसकी जानकारी वे निरंतर लोगों तक पहुंचाती रहे। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने 50 पुराने स्वास्थ्य केंद्रों को एल 1 बनाया है। जहां बहुत जल्दी प्रसव की सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम को राज्य कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती अकाई मिंज ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल सहिया का दूसरा घर है। समुदाय और स्वास्थ्य विभाग के बीच सहिया सेतु का काम करती है। श्रीमती मिंज ने सहिया के लिए भारत सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
वहीं सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा ने कहा कि सभी सहिया के कारण स्वास्थ्य विभाग ने आज यह मुकाम हासिल किया है। सहिया ने जिले के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाई है। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र तक लाना, बच्चों का टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, नवजात शिशुओं की घर-घर जाकर सेवा करना, परिवार नियोजन सहित विभिन्न क्षेत्रों में इन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया है।
कार्यक्रम के दौरान “भ्रूण हत्या महापाप है” पर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। साथ में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए 25 सहिया को सम्मानित किया गया। उनके बीच रजिस्टर एवं मेडिकल कीट का वितरण किया गया। साथ में होम बेस्ड न्यू बॉर्न केयर किट एवं होम बेस्ड यंग चाइल्ड केयर किट के बारे में विस्तार से बताया गया।
वहीं कार्यक्रम से पूर्व उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त का पारंपरिक रीति रिवाज से न्यू टाउन हॉल में स्वागत किया गया। तत्पश्चात उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन एवं सहिया ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।
मौके पर उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ रोहित गौतम, आईसी कंसलटेंट श्री अजय शर्मा, डीपीएम श्रीमती प्रतिमा कुमारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, एसटीटी, बीटीटी, स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी व कर्मी सहित हजारों की संख्या में सहिया उपस्थित थीं।