धनबाद /रांची :भाजपा प्रदेश मंत्री सह ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमरदीप यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (नई दिल्ली) के चेयरमैन साध्वी निरंजन ज्योति को विगत दिनों रांची राजकीय अतिथिशाला में मुलाकात के दौरान एक 7 सूत्री ज्ञापन सौंपा।
जिसमें कहा गया कि झारखंड में वर्ष 2022 में पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण नहीं दिया गया जिस कारण पिछड़ा वर्ग के जनप्रतिनिधियों की संख्या घट गई झारखंड में आगामी 2027 पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराने हेतु राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करें। वर्ष 2019 में झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान हेमंत सोरेन ने ओबीसी आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 27% करने का वादा किया जिसका नोटिफिकेशन राज सरकार द्वारा 7 वर्ष बाद भी नहीं किया गया है यह झारखंड सरकार द्वारा ओबीसी वर्ग को ठगने का कार्य है।
झारखंड के साथ जिलों-गुमला खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, और दुमका में 1990 के दशक में ओबीसी आरक्षण शून्य कर दिया गया इसके समाधान हेतु झारखंड सरकार गंभीर नहीं है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने झारखंड सरकार ने राज्य की बीसी -1 और बीसी -2 श्रेणियों में सूचीबद्ध 36 पिछड़ी जातियों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने का प्रस्ताव राज्य सरकार से मांगा है ताकि उन्हें केंद्र सरकार की नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 27% आरक्षण का लाभ मिले। झारखंड सरकार इस पर विलंब कर रही है।वर्ष 2018 में रघुवर दास सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम का गठन किया गया वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार द्वारा इसे निष्क्रिय कर दी गई है, जिससे ओबीसी वर्ग को सस्ते दर में लोन मिलने में परेशानी हो रही है।झारखंड में हजारों ओबीसी छात्रों को पिछले दो-तीन वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही इससे विद्यार्थियों का शैक्षिक विकास बाधित हो रहा है।राज्य में पिछड़ा वर्ग से जुड़े लोगों की हत्याएं अत्याचार एवं उत्पीड़न लगातार जारी है
अत आपसे आग्रह है कि राज सरकार को इन समस्याओं के समाधान हेतु ध्यानाकृष्ट कराए।ज्ञापन देने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष के साथ इंद्रजीत यादव, रमेश बर्मन, सुधीर यादव, अशोक साहू, मुकेश चौरसिया, संतोष गोप, संदीप भगत और शेखर साहू मौजूद थे।