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सुदामा की निष्काम भक्ति और भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से भावविभोर हुआ श्रद्धालुओं का जनसैलाबजागृत मंदिर में भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का हुआ समापन

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आज रात्रि में विशाल भगवती जागरण

धनबाद: भगवती जागृत मंदिर के तृतीय प्राण प्रतिष्ठा वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें एवं अंतिम दिवस पर पूज्य उज्ज्वल शांडिल्य महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण एवं उनके परम सखा सुदामा के अद्भुत मिलन, निष्काम भक्ति तथा भगवान श्रीकृष्ण के 1008 पटरानियों से विवाह प्रसंग का अत्यंत मार्मिक एवं ओजस्वी वर्णन किया। कथा के दौरान प्रस्तुत की गई मनोहारी एवं भव्य झांकियों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
महाराज श्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता संसार को यह संदेश देती है कि सच्चे प्रेम और निष्कपट भक्ति के आगे धन-दौलत का कोई महत्व नहीं है। सुदामा ने भगवान से कभी कुछ नहीं मांगा, किंतु अंतर्यामी श्रीकृष्ण ने अपने भक्त की दरिद्रता को बिना कहे ही दूर कर दिया। भगवान केवल भाव के भूखे हैं और जो श्रद्धा एवं समर्पण के साथ उनकी शरण में आता है, उसका कल्याण निश्चित है।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के 1008 पटरानियों से विवाह प्रसंग का भी अत्यंत रोचक एवं आध्यात्मिक विवेचन किया गया। महाराज श्री ने बताया कि भगवान का प्रत्येक विवाह धर्म की स्थापना, भक्तों की रक्षा तथा अधर्म के विनाश का प्रतीक है। यह प्रसंग भगवान की अनंत करुणा, लोककल्याण और दिव्य लीलाओं का परिचायक है।
सुदामा चरित्र एवं भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग पर आधारित भव्य झांकियों ने श्रद्धालुओं को वृंदावन और द्वारका की दिव्य लीलाओं का साक्षात् दर्शन करा दिया। आकर्षक वेशभूषा, मनमोहक संगीत और जीवंत प्रस्तुति पर श्रद्धालु बार-बार राधे-राधे एवं जय श्रीकृष्ण के जयघोष से पूरा कथा पंडाल गुंजायमान हो उठा।
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा मे आप भागवत महापुराण का पारायण पाठ
भागवत परायण में आचार्य सुबोध पांडेय, सुनील पांडे, जितेंद्र पांडे, मीठू पांडे, गुणानंद झा , सूरज पांडे, सुमन पांडे, पंकज पांडे द्वारा निरंतर किया गया .कथा
समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा विश्व के कल्याण, सुख-समृद्धि और धर्म की स्थापना के लिए जागृत मंदिर। समिति ने कथा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवाभावियों एवं दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। समापन के उपरांत महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का भक्तिमय वातावरण में विधिवत समापन हुआ। समिति के उपाध्यक्ष अजय कुमार भट्ट ने बताया कि 15 जुलाई बुधवार गुप्त नवरात्र के प्रथम दिवस को आचार्य सुबोध पांडेय व वैदिक ब्राह्मणों के द्वारा भगवती जगदंबा का वैदिक रीति से पूजन होगा, जिसके बाद रात्रि 8 बजे से विशाल भगवती जागरण का आयोजन मंदिर परिसर में किया जाएगा। 16 जुलाई को महा भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

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