धनबाद में झारखंड के सभी 24 जिलों से पहुंचे लगभग 1000 ऊर्जा मित्र, मांग पूरी नहीं होने पर रांची स्थित जेबीवीएनएल मुख्यालय के समक्ष आंदोलन की चेतावनी
धनबाद: स्मार्ट मीटर लगाए जाने के कारण उत्पन्न रोजगार संकट और लंबे समय से वेतन भुगतान में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ ने बुधवार को धनबाद के धैया स्थित आमंत्रण ग्रीन्स में बुधवार को विशाल महाजुटान एवं मिलन समारोह का आयोजन किया। संघ के संरक्षक वैभव सिन्हा की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड के सभी 24 जिलों से लगभग 1000 ऊर्जा मित्र शामिल हुए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ के संस्थापक सह प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुशवाहा उपस्थित रहे। महाजुटान में राज्यभर से आए ऊर्जा मित्रों ने अपनी समस्याओं, भविष्य की चुनौतियों और संगठनात्मक आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
ऊर्जा मित्रों ने कहा कि राज्य में तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद पारंपरिक मीटर रीडिंग सहित कई कार्यों की आवश्यकता कम होती जा रही है। इसका सीधा प्रभाव वर्षों से इस कार्य से जुड़े ऊर्जा मित्रों के रोजगार पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में ऊर्जा मित्रों के सामने बेरोजगारी का संकट उत्पन्न होने लगा है और उनके परिवारों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
महाजुटान में सर्वसम्मति से सरकार से मांग की गई कि वर्षों से बिजली विभाग से जुड़े ऊर्जा मित्रों को मानव दिवस कर्मी के रूप में समायोजित कर उनके रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ऊर्जा मित्रों ने स्पष्ट कहा कि उनकी मांग नई सरकारी नौकरी की नहीं है, बल्कि तकनीकी बदलाव के कारण रोजगार से वंचित हो रहे कर्मियों को वैकल्पिक कार्य उपलब्ध कराने और उनकी आजीविका सुरक्षित रखने की है।
ऊर्जा मित्रों ने कहा कि वे लंबे समय से विभाग के लिए महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन करते आ रहे हैं। उनका पूरा परिवार इसी रोजगार पर निर्भर है। ऐसे में स्मार्ट मीटर जैसी नई तकनीक लागू होने के कारण उन्हें बेरोजगार होने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। सरकार को चाहिए कि उनके अनुभव और कार्यक्षमता का उपयोग करते हुए उन्हें नई व्यवस्था में समायोजित किया जाए।
कार्यक्रम में ऊर्जा मित्रों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। आवश्यकता पड़ने पर झारखंड के सभी जिलों के ऊर्जा मित्र बड़ी संख्या में रांची स्थित झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) मुख्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे।
संघ के संरक्षक वैभव सिन्हा ने ऊर्जा मित्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि ऊर्जा मित्र लंबे समय से अपने रोजगार की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी समस्याओं को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से विधानसभा में भी उठाया गया है। उन्होंने कहा कि तकनीकी परिवर्तन के नाम पर वर्षों से कार्यरत लोगों को बेरोजगार करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए ऊर्जा मित्रों के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए। ऊर्जा मित्रों की न्यायोचित मांगों को उचित माध्यम से मुख्यमंत्री एवं संबंधित विभाग तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
मुख्य अतिथि एवं संघ के संस्थापक सह प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने कहा कि आज का महाजुटान ऊर्जा मित्रों की एकता और संघर्ष का प्रतीक है। झारखंड के सभी 24 जिलों से ऊर्जा मित्र एक मंच पर आए हैं और यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी ऊर्जा मित्र को बेरोजगार नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सरकार से शीघ्र वार्ता कर ऊर्जा मित्रों को मानव दिवस कर्मी के रूप में समायोजित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऊर्जा मित्रों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से राज्यव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
महाजुटान में अंजीर खान, काशिफ माती, श्याम शेखर, सुमंत वर्मा, विक्रम, संघ के संगठन मंत्री सोहेब अंसारी, संघ के महासचिव मनोवर खान, प्रदेश प्रवक्ता रोनित सिंह, कोषाध्यक्ष अरुण कुमार रवानी सहित झारखंड के विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में ऊर्जा मित्र उपस्थित थे।