Breaking News

मनोज जी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का आह्वान किया।

Share This News

धनबाद। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा और हिंदू नववर्ष के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा बाबूडीह नगर के पॉलिटेक्निक ग्राउंड में बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तर पूर्व क्षेत्र शारीरिक प्रशिक्षण प्रमुख श्री मनोज जी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने हिंदू संस्कृति की वैज्ञानिकता, गौरवशाली इतिहास और भविष्य के संकल्पों पर प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में श्री मनोज जी ने कहा कि हिंदू नववर्ष केवल कैलेंडर बदलना नहीं, बल्कि एक नई चेतना का संचार है। उन्होंने विक्रमी संवत की महत्ता बताते हुए बताया कि सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को पराजित कर इसकी स्थापना की थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 1 जनवरी के साथ कोई ऐतिहासिक या आध्यात्मिक कारण नहीं जुड़ा है, जबकि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भगवान राम के राज्याभिषेक, स्वामी दयानंद सरस्वती के जन्म और डॉ. हेडगेवार के जन्मदिवस जैसे अहम प्रसंगों से जुड़ी है।

वक्ता ने संघ की दो मुख्य परंपरराओं- गुरु दक्षिणा और आद्य सरसंघचालक प्रणाम का उल्लेख किया। उन्होंने इसे स्वयंसेवक की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया और सभी स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि वे अपनी-अपनी शाखाओं पर जाकर आद्य सरसंघचालक डॉ. हेडगेवार को नमन करें और उनके जीवन प्रसंगों पर चर्चा करें।

संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘शताब्दी वर्ष’ के महत्व पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर ‘पंच परिवर्तन’ का मंत्र दिया गया, जिसे केवल एक नारा नहीं बल्कि समाज में वास्तविक बदलाव लाने का माध्यम बताया गया।

कार्यक्रम के अंत में श्री मनोज जी ने संघ की सादगी की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिना किसी आडंबर के समाज परिवर्तन का कार्य करना ही संघ की विशेषता है। उन्होंने गायत्री परिवार जैसे संगठनों के साथ मिलकर समाज सुधार के कार्यों में जुड़ने का आह्वान किया।

इस अवसर पर धनबाद विभाग संघचालक केशव हाड़ोदिया जी, महानगर संघचालक श्री , नित्यानंद पांडे जी, नगर कार्यवाह सौरभ जी, नगर कार्यवाह दिनकर जी , गौतम जी , अनिल जी , राजकिशोर जी, धनबाद विभाग कार्यवाह श्री पंकज जी, सामोद पांडे , कमलेश, विक्रम हिमालय,औ भगवान जी , बबलू कुमार , विकास जी , विनोद जी ,सुमन जी सहित कई स्वयंसेवक और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Leave a comment