देवघर के मीना बाजार में लगी भीषण आग
देवघर शहर के बीचो-बीच स्थित मीना बाजार सब्जी मंडी में शुक्रवार की आधी रात को एक बार फिर आग लग गई। इससे पहले 13-14 जनवरी की रात भी आग लग गई थी। फेस्टिवल रात आग लगने की घटना तब हुई जब क्लासिक्स अपनी दुकान बंद कर घर जा चुके थे। प्रभावी को आग लगने की सूचना देर से
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इस सब्जी मंडी मीना बाजार में 20 से 25 अवशेष जलकर राख हो गए हैं। आग लगने की खबर फलते ही इलाके में फैल गई। देर रात की सूचना बैठक में फ़ायर की दो संलग्न सामग्रियां और आग़ाज़गी अभ्यास में शामिल किया गया।
हालाँकि बीच में ही दोनों फ़्लोरिडा का पानी ख़त्म हो गया। इसके बाद तीसरी गाड़ी चलाई गई। एम्स देवपुर से आई इस फ़ायर की गाड़ी ने भी आज पर कहा नहीं पाओ शोक। इसके बाद फ़ायर की चौथी गाड़ी भी मंगाई गई।
इनमें से कोई भी आग के सिद्धांत को देख सकता है
विक्रय में पानी ला कर आग्नेयास्त्र का प्रयास
आज के सिद्धांत का एक समान अनुमान लगाया जा सकता है कि मंडी में प्रवेश करने से भी किसी का ज्ञान नहीं हो रहा था। आग के खतरे से डरे लोग घर में पानी की व्यवस्था कर रहे थे। जब फायर की नागालैंड आग के सामने आई तो बेबस की नजर पड़ी तो कलाकारों और स्थानीय लोगों ने ऑटो पर थिएटर की पाइप से आग लगाने का प्रयास किया। काफी संकट के बाद आज पर फिजियोलॉजी पाई जा सकी।

इस आग की लपटों की घटना में 20 से ज्यादा टुकड़े जल गए।
ग़ुबार का व्यवसाय चल रहा है
इस मीना बाजार में श्रृंगार के अलावा अन्य आभूषण भी शामिल हैं इसलिए आग तेजी से फोटो खींच रही है। मीना बाजार मंडी से आभूषण का गुबार उठ रहा था। आज से लगभग एक करोड़ की संपत्ति के नुकसान का आकलन किया गया है। सप्ताह भर में मीना बाजार सब्जी मंडी में दूसरी बार आग लगने से संबंधित में काफी सूची है। हालाँकि आग कैसे लगी यह स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका। सिद्धांत के अनुसार इस बार भी असामाजिक तत्वों का ही पता लगाया गया है।

फ़ायर की चार झलकियाँ भी आग के सामने बेबस नज़र आईं।
13-14 जनवरी की रात भी लगी थी आग
इससे पहले 14 जनवरी की देर रात को सुरथ केसरी के प्रेमी केसरी और शिव प्रसाद केसरी की रात में आ लगी थी। जिसमें दोनों फैजाबाद को मिलाकर करीब 3 लाख का नुकसान हुआ था। उसे घटना को लेकर हनुमान टिकरी मठ के निवासी सुरेश महंत ने अज्ञात सामाजिक तत्वों के खिलाफ चोरी कर सच छुपाने की नियत से दुकान में आग लगने की घटना की प्राथमिक नगर थाने में दर्ज कराई थी।