केंदुआडीह (धनबाद): पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भू-धंसान और गैस रिसाव से प्रभावित स्थानीय लोगों ने मंगलवार शाम एक बड़ा मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह जुलूस केंदुआ पांच नंबर से शुरू होकर गंशाडीह, पुराने थाना क्षेत्र, केंदुआ बाजार होते हुए करकेन्द मोड़ तक गया, जहां इसका समापन हुआ।
जुलूस के दौरान लोगों ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए। इस प्रदर्शन का नेतृत्व मंटू महतो कर रहे थे।
मंटू महतो ने कहा कि यह विरोध केंदुआ, गोधर, गंशाडीह और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के आक्रोश का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीसीसीएल और जिला प्रशासन को समझना चाहिए कि आखिरकार लोग सड़क पर उतरने को मजबूर क्यों हो रहे हैं। उनका कहना था कि अगर ओपन कास्ट खनन बंद कर अंडरग्राउंड माइंस को फिर से चालू किया जाए, तो ऐसी स्थिति नहीं बनेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित लोग अपने हक और अधिकार के लिए आंदोलन करने को विवश हैं और इसके पीछे बीसीसीएल का उपेक्षापूर्ण रवैया जिम्मेदार है। इस मशाल जुलूस के जरिए उन्होंने कंपनी के अधिकारियों को चेतावनी दी कि ऐसे कदम न उठाए जाएं, जिनसे जनता को उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़े।
वहीं, जितू पासवान ने भी बीसीसीएल और DGMS पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश बंद की जाए और डीजीएमएस की लापरवाही के कारण ही रांची-धनबाद मुख्य मार्ग बाधित हुआ है। उनका आरोप था कि यदि जिम्मेदार एजेंसियां अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन करतीं, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बीसीसीएल भू-धंसान और गैस रिसाव का डर दिखाकर उन्हें इलाके से हटाने की कोशिश कर रही है, जिसके खिलाफ अब लोग खुलकर विरोध कर रहे हैं।