रांची :10 जनवरी को एनएसयूआई झारखंड के प्रदेश प्रभारी चुन्नू सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष बिनय उरांव के नेतृत्व में आज छात्रवृत्ति में देरी, अपूर्ण भुगतान तथा केंद्र सरकार की लापरवाही के विरोध में लोकभवन (राजभवन) का घेराव किया गया। यह आंदोलन केंद्र सरकार द्वारा केंद्रांश समय पर जारी न करने और कई मामलों में ज़रूरत से कम राशि जारी करने के खिलाफ था, जिससे राज्य के हजारों छात्र-छात्राओं की पढ़ाई और भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।इस कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागण केशव महतो कमलेश, बंधु तिर्की, इरफान अंसारी, शहज़ादा अनवर, जयशंकर पाठक, कुमार राजा, अरुण साहू, एम. तौसीफ़, शांतनु मिश्रा, सुनील सिंह, राजन वर्मा , साथ ही झारखंड एनएसयूआई प्रदेश सह प्रभारी शाश्वत शेखर उपस्थित रहे। सनी सिंह का स्पष्ट आरोप है कि शैक्षणिक सत्र 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 की छात्रवृत्ति आज तक इसलिए लंबित है क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा राज्य को देय केंद्रांश समय पर जारी नहीं किया गया। राज्य सरकार द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण किए जाने के बावजूद केंद्र की उदासीनता ने छात्रवृत्ति प्रक्रिया को बाधित किया है। परिणामस्वरूप आर्थिक रूप से कमजोर छात्र पढ़ाई छोड़ने, कर्ज़ लेने और मानसिक दबाव झेलने को मजबूर हैं।इस कार्यक्रम में पूर्व धनबाद नगर अध्यक्ष अपने सैकड़ो साथी के साथ शामिल हुए।केंद्र सरकार की प्रमुख विफलताएं
- केंद्रांश जारी करने में लगातार देरी कर छात्रवृत्ति को जानबूझकर लंबित रखना।2. बार-बार नीतिगत बदलाव और तकनीकी प्रक्रियाओं के नाम पर भुगतान टालना।3. उच्च शिक्षा के लिए राज्यों के अधिकारों में अनावश्यक हस्तक्षेप कर संघीय ढांचे को कमजोर करना।4. छात्रवृत्ति जैसे संवेदनशील विषय पर जवाबदेही और समयबद्धता का अभाव।एनएसयूआई झारखंड के प्रदेश प्रभारी चुन्नू सिंह ने कहा छात्रवृत्ति में देरी और कम राशि देना केंद्र सरकार की बड़ी नाकामी है। यदि केंद्रांश तुरंत जारी नहीं हुआ, तो एनएसयूआई का यह आंदोलन लोकभवन से लाल क़िला तक पहुँचेगा।एनएसयूआई झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष श्री बिनय उरांव ने कहा “छात्रवृत्ति कोई दया नहीं, यह छात्रों का संवैधानिक और नैतिक अधिकार है। केंद्र सरकार का केंद्रांश न देना सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। हम साफ़ चेतावनी देते हैं कि यदि शीघ्र छात्रवृत्ति राशि जारी नहीं की गई, तो एनएसयूआई झारखंड पूरे राज्य में चरणबद्ध और निर्णायक आंदोलन छेड़ेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।अन्य छात्रहित मांगें,सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव अविलंब कराए जाएंविश्वविद्यालयों में स्थायी कुलपति, कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक की शीघ्र नियुक्ति हो,शैक्षणिक कैलेंडर तत्काल जारी कर सभी पाठ्यक्रम समयबद्ध रूप से संचालित किए जाएं,विश्वविद्यालयों में एक व्यक्ति–एक पद का सिद्धांत सख्ती से लागू किया जाए तथा कर्मियों की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित हो।इस अवसर पर प्रदेश पदाधिकारीगण संकेत सुमन, गोपाल कृष्ण चौधरी, अमन अहमद, नसीम हुसैन, मुस्सर्रफ हुसैन, सैफ अहमद, वजाहतुल्लाह, कैफ़ अली सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता एवं छात्र मौजूद थे।
