आयुष्मान भारत योजना में अनियमितता मिलने पर निजी अस्पतालों को जुर्माना जमा करने का निर्देश

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उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन की अध्यक्षता में आज आयुष्मान भारत – मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए गठित जिला शिकायत निवारण समिति (डीजीआरसी) की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में निजी अस्पतालों द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रस्तुत दावों में से कुछ दावों को नेशनल एंटी फ्रॉड यूनिट ने जांचोपरांत खारिज कर दिया था। उपायुक्त ने वैसे खारिज दावों की विस्तृत समीक्षा की।

इस क्रम में उपायुक्त ने नेशनल एंटी फ्रॉड यूनिट द्वारा जेपी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के 28, सर्वमंगला नर्सिंग होम के 18, एशियन द्वारकादास जालान अस्पताल के 4, आरोग्य नर्सिंग होम के 4, राज क्लिनिक एंड रिसर्च सेंटर के 3 तथा लाइफ लाइन अस्पताल के 2 खारिज दावों की समीक्षा की।

समीक्षा के बाद उपायुक्त ने कहा कि आयुष्मान भारत – मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्वास्थ्य सेवा प्रदाता और लाभार्थी इसके दुरुपयोग से मुक्त रहे। उन्होंने कहा कि नेशनल एंटी फ्रॉड यूनिट ने जांचोपरांत जिन मामलों को फ्लैग किया है उन मामलों में संबंधित निजी अस्पतालों से आयुष्मान भारत योजना के नियमानुसार जुर्माना जमा कराएं।

बैठक में उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद, डॉ विकास कुमार राणा, आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक श्री निशांत राज, क्लस्टर हेड श्री रुपेश सिंह, डीपीसी श्री निवास कुमार तथा निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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