पटना (PATNA):
पटना की एक महिला की जिंदगी चार साल की शादी और छोटे बेटे के इर्द-गिर्द घूम रही थी। घरेलू कलह और आपसी मतभेदों के बीच वह मानसिक रूप से टूटने लगी। इसी दौरान सोशल मीडिया पर हुई एक पहचान ने उसे ऐसा रास्ता दिखाया, जो आगे चलकर उसकी जिंदगी का सबसे डरावना मोड़ साबित हुआ।
सोशल मीडिया से शुरू हुई नज़दीकियां
महिला के अनुसार, वैवाहिक जीवन में तनाव लगातार बढ़ रहा था। पति से रोज़-रोज़ की कहासुनी और भावनात्मक दूरी ने उसे अंदर से कमजोर कर दिया। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक युवक से बातचीत शुरू हुई। पहले मैसेज, फिर फोन कॉल और धीरे-धीरे भरोसा गहराता गया। महिला को लगा कि उसे आखिरकार समझने वाला कोई मिल गया है। इसी भरोसे में वह अपने पति और बेटे को छोड़कर युवक के साथ घर से निकल गई।
स्टेशन पर छोड़ दिया प्रेमी ने
लेकिन यह रिश्ता कुछ ही वक्त में छलावा साबित हुआ। पटना जंक्शन पहुंचते ही युवक उसे अकेला छोड़कर फरार हो गया। महिला स्टेशन पर बेसहारा और डरी-सहमी इधर-उधर भटकती रही। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक अन्य युवक से हुई, जिसने काम दिलाने का भरोसा दिलाया।
नौकरी के नाम पर पश्चिम बंगाल ले जाया गया
नए सहारे की तलाश में महिला उस युवक के साथ चली गई। कार से उसे पश्चिम बंगाल ले जाया गया और वहां एक रेड लाइट एरिया में छोड़ दिया गया। महिला को तब सच्चाई का एहसास हुआ, जब कोठे के मालिक ने साफ शब्दों में कह दिया कि उसे दो लाख रुपये में बेच दिया गया है।
आठ महीने तक सहा अमानवीय अत्याचार
महिला ने बताया कि वहां उसकी मर्जी के खिलाफ उसे देह व्यापार में धकेल दिया गया। रोज़ नए ग्राहकों, डर, दबाव और मानसिक प्रताड़ना के बीच उसने आठ महीने बिताए। कई बार मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई उसकी बात सुनने को तैयार नहीं हुआ।
एक ग्राहक बना उम्मीद की किरण
2 अक्टूबर को एक ग्राहक ने उसकी आपबीती सुनी और उस पर भरोसा किया। महिला ने उससे सिर्फ इतना कहा कि उसे अपने पति से बात करवा दी जाए। ग्राहक की मदद से पहली बार उसने अपने पति से फोन पर संपर्क किया।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षित वापसी
पति ने तुरंत मनेर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तकनीकी सहायता और ग्राहक की मदद से महिला की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद पश्चिम बंगाल में रेड लाइट एरिया में छापेमारी कर महिला को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
बेटे के पास लौटकर मिली राहत
महिला को सुरक्षित पटना लाया गया, जहां वह अब अपने बेटे के साथ है। उसने कहा कि वह बीते दर्द को पीछे छोड़कर अब सिर्फ अपने बच्चे के साथ एक सामान्य और सुरक्षित जीवन जीना चाहती है।