धनबाद (DHANBAD): मिथिला परंपरा के प्रमुख स्तंभ और काव्य जगत के अमर रचनाकार विद्यापति ठाकुर को याद करते हुए सोमवार को धनबाद में एक सांस्कृतिक स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्थानीय साहित्य प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने लुबी सर्कुलर रोड पर स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर पहुँचकर पुष्प अर्पित किए।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि विद्यापति केवल मिथिलांचल के कवि नहीं बल्कि भारतीय साहित्य की धरोहर हैं, जिनकी रचनाओं ने भाषा, भक्ति और संगीत—तीनों को नई दिशा दी। कई उपस्थित सदस्यों ने उनके जीवन दर्शन तथा सामाजिक चेतना को अपने लिए प्रेरणादायक बताया।
समिति ने बताया कि इस अवसर पर प्रतिमा स्थल की सफाई, दीप प्रज्वलन और संक्षिप्त काव्य-पाठ का भी आयोजन किया गया। सदस्यों ने निर्णय लिया कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, ताकि नए पीढ़ी तक विद्यापति की साहित्यिक परंपरा पहुँच सके।