धनबाद,– जिले में अवैध कोयला तस्करी का धंधा एक बार फिर चरम पर है। बाघमारा पुलिस अनुमंडल अंतर्गत सोनारडीह ओपी क्षेत्र अवैध कोयला कारोबार का नया केंद्र बन गया है, जहां खुलेआम कोयले की कटाई और तस्करी हो रही है।
सोनारडीह ओपी क्षेत्र के तेतुलिया में आधा दर्जन से अधिक अवैध कोयला माइंस सक्रिय हैं, जहां से बेरोकटोक कोयले की कटाई करवाई जा रही है। इसके अलावा, धर्माबांध, महुदा, भाटडीह, चैतूडीह और केलूडीह में भी अवैध कोयला खनन का खेल धड़ल्ले से जारी है।
इस अवैध धंधे में कई नामचीन तस्कर शामिल हैं। गिरिडीह और जामताड़ा से मजदूर लाकर गुप्त खदानों में कोयला कटाई करवाई जाती है, जिससे अब तक कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
अवैध खनन को रोकने की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है, वही पुलिस, सीआईएसएफ, बीसीसीएल अधिकारी और जिला प्रशासन मौन बने हुए हैं। आरोप है कि इनकी मिलीभगत से ही अवैध कोयला तस्करी को बढ़ावा मिल रहा है। और सबसे बड़ी बात इस लाइजनिंग में जो भी कारोबारी चल रहा है उसमें कथाकथिक पत्रकार भी शामिल है।
सवाल उठता है कि आखिर प्रशासन कब इस काले कारोबार पर लगाम लगाएगा? या फिर यह मिलीभगत जारी रहेगी और झरिया-धनबाद का भविष्य कोयले की धूल में ही सिमट जाएगा?