135 चिन्हित बच्चों को मिला स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ; अनुमोदन प्रदान किया गया
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में ‘स्पॉन्सरशिप एवं फॉस्टर केयर अप्रूवल कमेटी’ (SFCAC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकारी योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था।
बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न मामलों की गहन समीक्षा की गई, जिसके उपरांत जिले में चिन्हित कुल 135 जरूरतमंद बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ देने हेतु समिति द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। इससे इन बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता मिलेगी।
साथ ही ‘पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम’ के तहत आच्छादित बालिका के मामले पर विचार करते हुए निर्णय लिया गया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक उसे स्पॉन्सरशिप योजना के तहत वित्तीय सहायता राशि का नियमित भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा योजना के दिशा-निर्देशों एवं पात्रता मानकों की समीक्षा के उपरांत 17 बच्चों की प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में ऐसे सभी अनाथ, बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों की निरंतर पहचान की जाए जिन्हें देखरेख की आवश्यकता है, ताकि कोई भी बच्चा बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा से वंचित न रहे।
बैठक में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सदस्यगण सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।