बांग्ला भाषा के संरक्षण को लेकर महिला मोर्चा का हुंकार, विधानसभा सत्र में मांग नहीं उठी तो होगा जनआंदोलन

Share This News

आज दिनांक 23-07-2026 को झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति महिला मोर्चा ने सिंदुरपुर शिव मंदिर में किरण देवी के अध्यक्षता में एक बैठक हुआ बैठक में संस्थापक बेंगू ठाकुर ने कहा कि झारखंड के सबसे पुराना भाषा बांग्ला भाषा है और राज अलग होने के बाद जान बुझ-कर बांग्ला भाषा को सरकार सम्पत करने का साजिश किया है साथ ही झारखंड में कोई भी बांग्ला भाषा छात्र-छात्राओं अपनी मातृ भाषा में पठन-पाठन नहीं कर पाएंगे क्योंकि झारखंड में बांग्ला भाषा से तमाम संस्कृति पूजा-पाठ शादी-विवाह अभी भी हो रहा है, आज बांग्ला सावन चौथा दिन है एक सोमवारी एवं बांग्ला भाषी झारखंड के सभी शिव मंदिर में काफी संख्या में उपस्थित होकर सरकार की धियान आकृषित कराए, पिछले शनिवार को मां विपत्तरणी पूजा हुआ था झारखंड के सभी मंदिर में मातृ शक्ति का जुटान हुआ था, बांग्ला पढ़ाई के साथ-साथ बांग्ला संस्कृति को भी खत्म करना चाहती है और दूसरी तरफ जो विधायक बांग्ला भाषा के वोट से चुनाव जीते आरहे है वो भी नहीं चाहते कि बांग्ला भाषा का पठन-पाठन हो क्योंकि ये जनप्रतिनिधि अच्छी तरह जानते है बंग भाषी अगर जाग जाये तो हमारा राजनीति समाप्त हो जाएगा बंग भाषी के लोग हमेशा आंदोलन करते आए है, साधीनता आंदोलन हो या झारखंड का आंदोलन हो सब से जदा बंग भाषीओ का भूमिका जादा ही रहा है और आज भी है, अब झारखंड के तमाम विधायक को हम लोग मांग पत्र देंगे, वर्षा कालीन सत्र में हमारी मांग को अगर नहीं उठाते है तो तमाम विधायक के खिलाफ जन आंदोलन होगा।
आज के बैठक में अंजना देवी, शकुंतला देवी, मौसमी देवी, शिवानी देवी, कल्पना देवी, गुड़िया देवी, मधुमिता, मिताली, प्रियंका, झूमा, बरनाली, मौसमी मुखर्जी, मूंगी देवी, न्यूनिबला देवी, रीता देवी, कोमी देवी, पायल देवी और काफी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

Leave a comment