गोंदुडीह माइंस से लोड होकर भूली ओपी क्षेत्र से गुजरते हैं अवैध कोयला ट्रक,कोयला माफियाओं के गुर्गे करते हैं ट्रकों की रेकी, टॉर्च की रोशनी से देते हैं संकेत

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धनबाद के गोंदुडीह और भूली ओपी क्षेत्र में कोयले की तस्करी बेखौफ जारी है, जबकि बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन इसे रोकने में विफल साबित हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि गोंदुडीह ओपन कास्ट माइंस से निकाले गए कोयले को पहले गोंदुडीह ओपी क्षेत्र में छुपाया जाता है और फिर रात 11 बजे से सुबह 4 बजे के बीच ट्रकों में लोड कर भूली ओपी क्षेत्र से होते हुए जीटी रोड तक पहुंचाया जाता है। वहां से यह कोयला अन्य स्थानों पर भेज दिया जाता है।

जानकारी के मुताबिक, दिन के समय कोयला गोंदुडीह ओपी क्षेत्र में छुपाकर रखा जाता है और फिर देर रात इसे ट्रकों में लोड कर भूली ओपी क्षेत्र को पार करवाया जाता है। इसके बाद जीटी रोड तक पहुंचाकर कोयले को अन्य राज्यों में भेज दिया जाता है।कोयला तस्करी से बीसीसीएल को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन प्रशासन इसे रोकने में नाकाम नजर आ रहा है। इस पूरे मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर पुलिस और इन कोयला माफियाओं के बीच क्या संबंध

जानकारी के अनुसार, गोंदुडीह से ट्रक लोड होने के बाद तस्करों के गुर्गे पूरे रास्ते बाइक और कार से रेकी करते हैं। जगह-जगह टॉर्च की रोशनी से इशारा कर ट्रकों को सुरक्षित पार कराते हैं। यह नजारा हर रात गोंदुडीह से भूली ओपी क्षेत्र के बीच देखा जा सकता है।सिर्फ रात ही नहीं, दिन के उजाले में भी कोयला तस्करी बेरोकटोक चल रही है। दिन में बाइक के जरिए तस्करी होती है, जहां गोंदुडीह और कुसुंडा से तस्कर बाइक पर 4-6 बोरी कोयला लादकर भूली के रास्ते जीटी रोड स्थित विभिन्न भट्ठों तक पहुंचाते हैं। इसके लिए गोंदुडीह और भूली दोनों जगहों पर सुविधा शुल्क भी चुकाना पड़ता है।

इस तस्करी से बीसीसीएल को रोजाना लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन प्रशासन अब तक इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने में नाकाम साबित हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयला तस्करी का यह खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।

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