“सोनारडीह में धरती बनी आदमखोर: 20 फीट गड्ढे में समाई बस्ती, सिस्टम बेखबर”

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सोनारडीह में ‘पाताल’ चीरकर निकली तबाही: आधी रात को जमींदोज हुई बस्ती, अपनों की चीख और सिस्टम की खामोशी
​धनबाद (सोनारडीह): कोयलांचल की धरती एक बार फिर ‘आदमखोर’ साबित हुई। गुरुवार की आधी रात जब पूरी दुनिया चैन की नींद सो रही थी, तब सोनारडीह में मौत ने अचानक दस्तक दी। भू-धंसान के एक भीषण झटके ने आधी बस्ती को करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में समा लिया। देखते ही देखते पक्के मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए और कई परिवारों के जीवनभर की पूंजी मिट्टी में मिल गई।
​खौफनाक मंजर: नंगे पांव मौत से भागे मासूम
​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात के सन्नाटे में अचानक धरती फटने की डरावनी आवाजें आने लगीं। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, पूर्व प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया के आवास सहित दर्जनों घर जमींदोज होने लगे। दहशत का आलम यह था कि माता-पिता अपने मासूम बच्चों को कलेजे से चिपकाकर, बिना चप्पल-जूते के, नंगे पांव भागती जमीन से दूर भागने लगे। मलबे में एक कार भी पूरी तरह समा गई है। कई लोग भागने के क्रम में चोटिल हुए हैं, जिनका उपचार स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है।
​सिस्टम की ‘कुंभकर्णी नींद’ और बीसीसीएल पर गुस्सा
​सुबह होते ही तबाही की तस्वीर साफ हुई। अपनी आंखों के सामने मलबे में दफन सपनों को देख प्रभावित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि BCCL (बीसीसीएल) प्रबंधन और प्रशासन को इस खतरे का अंदेशा पहले ही दिया गया था, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। आज दर्जनों परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं, लेकिन विडंबना देखिए कि चुनाव के समय हाथ जोड़ने वाले विधायक और सांसद इस आपदा की घड़ी में जनता की सुध लेने तक नहीं पहुंचे।
​NH-32 पर आक्रोश का सैलाब
​प्रशासन की बेरुखी से नाराज ग्रामीणों ने NH-32 को पूरी तरह जाम कर दिया है। सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अब खोखले आश्वासनों से नहीं मानेंगे। उनकी मांगें स्पष्ट हैं:
​प्रभावित परिवारों का तत्काल सुरक्षित पुनर्वास।
​नष्ट हुई संपत्ति का उचित मुआवजा।
​लापरवाह अधिकारियों और प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई।
​”हमने पाई-पाई जोड़कर घर बनाया था, आज वह पाताल में समा गया। बीसीसीएल ने हमारी जमीन ली, कोयला निकाला और अब हमें मरने के लिए छोड़ दिया। न नेता आए, न अफसर, हम जाएं तो कहां जाएं?” — एक रोता हुआ विस्थापित ग्रामीण
​मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
​तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने मौके पर भारी संख्या में पुलिस और CISF के जवानों को तैनात कर दिया है। अधिकारी जाम हटाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। समाचार लिखे जाने तक एनएच-32 जाम है और पूरे सोनारडीह क्षेत्र में मातमी सन्नाटा और दहशत का माहौल बना हुआ है।

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