धनबाद में एक संवेदक ने केंद्रीय संस्थान सीआईएसआर के अधिकारियों पर प्रताड़ित करने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित संवेदक ने कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
VO-1 :- सीआईएसआर के रांची स्थित जी-प्लस-वन बिल्डिंग में हुए इलेक्ट्रिकल कार्य के भुगतान को लेकर विवाद गहरा गया है। श्री लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन के सीनियर पार्टनर अशोक कुमार पांडे ने विभाग के वर्तमान सुपरिटेंडेंट इंजीनियर वीरेंद्र कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 22 दिसंबर 2020 को कंपनी को करीब 19 लाख 93 हजार 553 रुपये की स्वीकृति से इलेक्ट्रिकल कार्य दिया गया था, जिसे बाद में टेंडर रिव्यू के बाद बढ़ाकर लगभग 25 लाख 97 हजार 667 रुपये कर दिया गया। लेकिन अब तक उन्हें केवल 11 लाख 45 हजार 368 रुपये का ही भुगतान किया गया है और बाकी राशि लंबित है। अशोक कुमार पांडे ने बताया कि काम के दौरान साइट से कई इलेक्ट्रिकल सामानों की चोरी भी हुई थी। इस मामले में नामकुम थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, लेकिन आवेदन में चोरी हुए सामानों की संख्या और उनकी कीमत का पूरा विवरण नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कई तरह की अनियमितताएं हुई हैं और उनकी कंपनी को भुगतान के लिए लगातार दौड़ाया जा रहा है।
पांडे ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग में बिना निविदा निकाले करीब 40 कार्य पेटी कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से कराए गए हैं, जिनमें घटिया सामग्री के इस्तेमाल की भी बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही उनके बकाया भुगतान का निपटारा नहीं किया गया तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।
बहरहाल अशोक कुमार पांडे ने चेतावनी दी है कि यदि बकाया राशि का भुगतान चक्रवृद्धि ब्याज के साथ जल्द नहीं किया गया तो वे हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे और आंदोलन का रास्ता भी अपनाएंगे। फिलहाल इस मामले को लेकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।