पटना (PATNA):
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव को लेकर हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज चर्चा तेज हो गई। अफवाहों में यह कहा गया कि अनुष्का यादव नाम की युवती ने बच्चे को जन्म दिया है और उसके पिता तेजप्रताप यादव हैं। यह दावा सोशल मीडिया तक सीमित न रहकर बिहार के कुछ स्थानीय समाचार माध्यमों में भी जगह बनाने लगा।
इन चर्चाओं पर विराम लगाने के लिए तेजप्रताप यादव ने तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने अनुष्का यादव के साथ वायरल हो रही तस्वीरों को लेकर साफ शब्दों में कहा कि उनका उस युवती से किसी भी तरह का कोई रिश्ता नहीं है। तेजप्रताप यादव ने स्पष्ट किया कि ये तस्वीरें उन्होंने स्वयं साझा नहीं की थीं, बल्कि उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैक किया गया था और उसी के जरिए उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आलोक गुर्जर कौन हैं और उनका अनुष्का यादव से क्या संबंध है, इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजप्रताप यादव भावनात्मक रूप से टूटते नजर आए। उन्होंने बताया कि लगातार चल रही बदनामी और मानसिक दबाव के कारण वे गहरे अवसाद में चले गए थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एक दौर में उनके मन में आत्महत्या जैसे विचार तक आए। तेजप्रताप यादव का आरोप है कि जैसे उनके पिता लालू प्रसाद यादव को साजिश के तहत झूठे मामलों में फंसाया गया, उसी तर्ज पर उनके खिलाफ भी षड्यंत्र रचा जा रहा है।
‘5 जयचंद’ का किया जिक्र
तेजप्रताप यादव ने दावा किया कि उन्हें सुनियोजित तरीके से न सिर्फ परिवार बल्कि पार्टी से भी अलग-थलग किया गया। उन्होंने पांच लोगों को “जयचंद” बताते हुए आरोप लगाया कि इन्हीं के जरिए उनकी छवि खराब करने की साजिश रची गई।
तेजप्रताप यादव ने जिन लोगों के नाम सार्वजनिक रूप से लिए, उनमें—
पूर्व विधायक मुकेश रौशन,
संजय यादव,
रमीज,
शक्ति सिंह
और सुनील सिंह शामिल हैं।
तेजप्रताप यादव का कहना है कि इस पूरे कथित नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार पूर्व विधायक मुकेश रौशन है।