पूर्व मध्य रेल, मुख्यालय/हाजीपुर द्वारा क्षेत्रीय रेल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 85वीं बैठक महाप्रबंधक श्री छत्रसाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री सिंह ने कहा कि पूर्व मध्य रेल ‘क’ क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहाँ अधिकांश कार्य हिंदी में ही होता है फिर भी राजभाषा से संबंधित अनुदेशों का अनुपालन दृढ़तापूर्वक किए जाने की आवश्यकता है. यदि अधिकारीगण छोटे-छोटे आदेश/टिप्पणी हिंदी में लिखें तो हिंदी के प्रयोग-प्रसार की दिशा में एक सकारात्मक माहौल बनेगा और इससे अधीनस्थ कर्मचारी भी हिंदी में कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे. हिंदी की व्यापकता और सार्थकता सभी स्वीकारते हैं. अब समय आ गया है कि हम अपना दैनिक कामकाज हिंदी में करें. सरल और सहज शब्दों का प्रयोग करें, क्योंकि भाषा प्राथमिक रूप से अभिव्यक्ति और संवाद का माध्यम है. एक टीम के रूप में कार्य करते हुए हम यह सुनिश्चित करें कि राजभाषा के सभी मानक निर्देशों का अनुपालन कड़ाई से किया जाए तभी बैठक की सार्थकता सिद्ध होगी.
इस अवसर पर राजभाषा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कार्मिक विभाग को महाप्रबंधक द्वारा अंतर्विभागीय राजभाषा चल शील्ड प्रदान किया गया. इसे सुरेश चन्द्र श्रीवास्तव, प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी ने प्राप्त किया. महाप्रबंधक महोदय द्वारा “पूर्व मध्य रेल दर्पण” राजभाषा बुलेटिन के वर्तमान अंक एवं साथ ही राजभाषा सहायिक के दूसरे संस्करण का भी लोकार्पण किया गया. इसके साथ रेलवे बोर्ड व्यक्तिगत नकद पुरस्कार योजना आधार वर्ष-2023 के पुरस्कृत अधिकारी/कर्मचारियों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया. राजभाषा प्रयोग-प्रसार के इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पूर्व मध्य रेल के मंडलों, कारखानों आदि के उच्च अधिकारी उपस्थित थे, उन्होंने अपने विभागों, मंडलों आदि में राजभाषा के प्रचार-प्रसार की स्थिति के संबंध में समिति को सूचित किया.
श्री अमरेन्द्र कुमार, अपर महाप्रबंधक ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ एवं सुझाव दिये जायेंगे. मेरा मानना है कि आपसी समन्वय एवं सकारात्मकता से ही हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं. मैं आज की बैठक में सभी पुरस्कृत किए जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को बधाई देता हूँ साथ ही उम्मीद करता हूँ कि इसी प्रकार प्रत्येक बैठक में हम कोई न कोई महत्वपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लें. हमें प्रसन्नता है कि पूर्व मध्य रेल, मुख्यालय/हाजीपुर में आप सभी के सहयोग से हम राजभाषा के प्रचार-प्रसार में निरंतर अग्रसर रहेंगे.
श्री प्रभात कुमार, मुख्य राजभाषा अधिकारी सह प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक ने अपने वक्तव्य में कहा कि पूर्व मध्य रेल ‘क’ क्षेत्र में स्थित है. इसलिए यहां अधिकांश कार्य स्वाभाविक रूप से हिंदी में ही होना चाहिए, ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जहाँ और अधिक प्रयास करके हिंदी के प्रयोग-प्रसार को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है इसलिए यहाँ अधिकांश कार्य स्वाभाविक रूप से हिंदी में ही होना चाहिए. आवश्यकता है दृढ़ इच्छाशक्ति की. ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जहाँ और अधिक प्रयास करके हिंदी के प्रयोग-प्रसार को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है. हमारा दायित्व है कि संघ की राजभाषा नीति के अनुरूप सभी कामकाज शत-प्रतिशत हिंदी में किए जाएं. इसके लिए आप सबके सहयोग की आवश्यकता है. समय के अनुरूप अपेक्षा है कि हम अपना कार्य हिंदी में सरल और सहज रूप से करें ताकि यह सभी के लिए बोधगम्य हो. महाप्रबंधक महोदय के कुशल नेतृत्व में इस रेल पर राजभाषा के प्रचार-प्रसार के लिए हम निरंतर सचेष्ट हैं और हमारा प्रयास है कि विभिन्न माध्यमों से अधिकारियों/कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए एवं राजभाषा के विकास के लिए स्वस्थ वातावरण का निर्माण किया जाए. आज की बैठक में हम राजभाषा के प्रयोग-प्रसार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे तथा विचार-विमर्श के जरिए कार्यालयी कामकाज हिंदी में करने की दिशा में प्रयास करेंगे.
बैठक का संचालन करते हुए उप महाप्रबंधक (राजभाषा) श्री केशव त्रिपाठी ने कहा कि पूर्व मध्य रेल में हिंदी के प्रयोग-प्रसार में तेजी लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने समिति को सूचित किया कि हमारे कार्यालय में राजभाषा कार्यान्वयन का कार्य गृह मंत्रालय के वार्षिक राजभाषा कार्यक्रम के अनुरूप ही किया जा रहा है. इसके साथ-साथ राजभाषा कार्यशाला, महत्वपूर्ण साहित्यकारों की जयंतियों जैसे कार्यक्रम भी मुख्यालय में नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं. संसदीय राजभाषा समिति के संभावित निरीक्षण दौरे को लेकर भी हमलोग गंभीरता से कार्य कर रहे हैं. बैठक के अंत में धन्यवाद ज्ञापन श्री अनिल कुमार शर्मा, राजभाषा अधिकारी द्वारा दिया गया.