नहीं मिली एंबुलेंस, बाइक से ले गए अस्पताल; बेटा मर गया | मूर्ति नहीं मिला, बाइक से लेकर अस्पताल; बेटे की मौत: पिता ने कहा-अगर समय पर पिता मिल जाए तो बच जाऊं – चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम) समाचार

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किशोर के पिता का आरोप है कि बेटे को बाइक से अस्पताल ले जाने के लिए सरकारी वकील से मुलाकात नहीं की गई।

पश्चिमी सिंहभूम में सड़क दुर्घटना में एक किशोर की मौत हो गई। किशोर के पिता का आरोप है कि बेटे को बाइक से अस्पताल ले जाने के लिए सरकारी वकील से मुलाकात नहीं की गई। अगर समय पर स्टोर मिल जाता तो बेटे की जान बच सकती थी।

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भूता गांव के डांगुरपी बस्ती में बुधराम सुंबरुई की सड़क दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। घटना की जानकारी के बाद बुधराम के पिता राजेश सुंबरुई ने 108 नंबर पर फोन किया। टैलमटोल में आने के लिए टैलमटोल में ले जाया गया। इसके बाद राजेश अपने बेटे बुधराम को बाइक से लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां अधिक खून बह जाने और इलाज में देरी होने से किशोर की मौत हो गई।

मृतक के पिता राजेश सुंबरुई ने प्रशासन और सहयोगी पर साक्षियों से मुलाकात नहीं करने और लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

इधर, पश्चिमी सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन डॉ. संतोषो कुमार जोसेफ ने बताया कि 108 अप्रैल 1999 में 108 अप्रैल 2019 को संचालित किया गया था। इसमें हम लोगों का कुछ बड़ा हस्तक्षेप नहीं रहता है। यदि कोई यात्री 108 तीर्थयात्री के पास नहीं जाता है तो हम लोगों को सूचित करते हुए सदर अस्पताल से ही तीर्थयात्री की व्यवस्था दी जाती है।

यदि कोई घुड़सवार सेना इस तरह की प्रतिस्पर्धा करती है तो उस पर कार्रवाई भी हो सकती है। जबकि कोई भी महान योद्धा हो, वो ना बोल सकता है। मॉक पर आगमन में देरी हो सकती है। लेकिन मनाही करने का उसका कोई अधिकार नहीं है।

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