इलेक्ट्रिकल सेफ्टी व स्मार्ट मेंटेनेंस पर प्रतिभागियों को मिला प्रमाणपत्र
धनबाद:आईआईटी आईएसएम के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम इलेक्ट्रिकल सेफ्टी एंड स्मार्ट मेंटेनेंस इलेक्ट्रिकल सेफ्टी एंड स्मार्ट मेंटिनेस फॉर सस्टेनेबल माइंस का समापन मंगलवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य खनन क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा, दुर्घटना-रोकथाम, तथा स्मार्ट मेंटेनेंस की आधुनिक तकनीकों पर क्षमता-वृद्धि करना रहा।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. योगेश विजय होते, प्रोफेसर, आईआईटी खड़गपुर रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खनन उद्योग में तकनीक आधारित रखरखाव तथा सुरक्षा मानकों का पालन, मानव संसाधन सुरक्षा और उत्पादन—दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को अपने-अपने कार्यस्थलों पर लागू करने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में अजय सिंह, डिप्टी डायरेक्टर जनरल धनबाद उपस्थित रहे। उन्होंने खनन क्षेत्र में इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, डीजीएमएस गाइडलाइन्स/रेगुलेशन्स, तथा सुरक्षा ऑडिट और सतर्क संचालन पर व्यावहारिक जानकारी साझा की।
दूसरे विशिष्ट अतिथि डॉ. उत्पल गोस्वामी, टेक्निकल एक्सपर्ट दामोदर घाटी निगम, कोलकाता रहे। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा तथा ऊर्जा दक्षता की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ऊर्जा प्रबंधन और दक्षता बढ़ाने वाले उपाय उद्योग के सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इस अवसर पर समारोह के संरक्षक के रूप में प्रो. धीरज कुमार, उप-निदेशक, आईआईटी आईएसएम धनबाद उपस्थित रहे। उन्होंने संस्थान की कंटिन्यूइंग एजुकेशन एंड इंडस्ट्री ओरिएंटेड ट्रेंनिंग के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योग और संस्थान के बीच मजबूत सहयोग स्थापित करते हैं।
समारोह में प्रो. सुकांता दास, विभागाध्यक्ष, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग भी उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा, विषय-वस्तु और प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की।
ईडीपी के सफल आयोजन में प्रो. निताई पाल, कोर्स को-ऑर्डिनेटर, तथा प्रो. प्रदीप कुमार साधु, जॉइंट को-ऑर्डिनेटर एवं प्रोफेसर की प्रमुख भूमिका रही। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों, केस स्टडी, तथा सुरक्षा एवं मेंटेनेंस आधारित मॉड्यूल्स का सार प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम की उपलब्धियों को साझा किया।
समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा प्रशिक्षण के अनुभवों पर संवाद भी आयोजित हुआ। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।