दिल्ली (DELHI):
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने बुधवार को अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। एलवीएम3 रॉकेट के माध्यम से अब तक का सबसे भारी 6,100 किलोग्राम पेलोड सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एलवीएम3-एम6 मिशन भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इस मिशन के तहत अमेरिका के ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 स्पेसक्राफ्ट को तय कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया, जो भारतीय धरती से लॉन्च किया गया अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि यह सफलता भारत की हेवी-लिफ्ट लॉन्च क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक वाणिज्यिक लॉन्च बाजार में देश की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाती है। साथ ही, यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी एलवीएम3-एम6 की सफलता पर इसरो की टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इसरो निरंतर नई सफलताएं हासिल कर रहा है और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में भारत की ताकत को विश्व पटल पर स्थापित कर रहा है।
वहीं, भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस उपलब्धि को भारत की अंतरिक्ष शक्ति के लिए एक नई ऊंचाई बताया। उन्होंने कहा कि ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को पूरी सटीकता के साथ ऑर्बिट में स्थापित करना भारत की तकनीकी क्षमता और मिशन की सफलता को दर्शाता है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम अब केवल सपनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि निरंतर सफलता की मिसाल बन चुका है।
इस ऐतिहासिक लॉन्च ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।