झरिया, 31 दिसंबर 2024: वायु प्रदूषण के खिलाफ झरिया में मंगलवार को ग्रीन लाइफ झरिया और यूथ कॉन्सेप्ट के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण जागरूकता मार्च का आयोजन किया गया। मार्च 4 नंबर टैक्सी स्टैंड से शुरू होकर बाटा मोड़ तक पहुंचा। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने “मेरी सांसें, मेरा हक,” “साफ हवा मेरा अधिकार,” और “झरिया में प्रदूषण बंद करो” जैसे नारों के जरिए प्रदूषण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।मार्च में छोटे बच्चे भी शामिल हुए, जिन्होंने “मुझे जीने का अधिकार दो” और “आओ प्रदूषण रोकें” जैसे नारे लगाकर जागरूकता बढ़ाई। इस दौरान झरिया की सड़कों पर वायु प्रदूषण विरोधी नारों की गूंज सुनाई दी।
बीसीसीएल और आउटसोर्सिंग कंपनियों पर निशाना
कोयलांचल नागरिक मंच के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने झरिया में प्रदूषण का जिम्मेदार बीसीसीएल को ठहराते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनियां पर्यावरण मानकों का पालन नहीं कर रही हैं। उन्होंने डीएमएफटी फंड का इस्तेमाल प्रदूषण रोकने और पर्यावरण संरक्षण में करने की मांग की।ग्रीन लाइफ के संयोजक डॉ. मनोज सिंह ने कहा कि झरिया में वायु प्रदूषण से लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। गर्भ में पल रहे बच्चे भी इससे प्रभावित हो रहे हैं और सेरेब्रल पाल्सी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने प्रदूषण रोकने के लिए कोयला खनन के मानकों का पालन करने पर जोर दिया।
प्रदूषण से घट रही झरिया के लोगों की आयु
यूथ कॉन्सेप्ट के संयोजक अखलाक अहमद ने कहा कि प्रदूषण के कारण झरिया के लोगों की आयु तेजी से घट रही है। उन्होंने कहा कि लोग नए साल में किसी मसीहा की उम्मीद कर रहे हैं, जो झरिया को प्रदूषण से निजात दिला सके। अखलाक ने चेतावनी दी कि जब तक कोयला कंपनियां वायु प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं करतीं, यह लड़ाई जारी रहेगी।
मार्च में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी
मार्च में कोयलांचल नागरिक मंच, ग्रीन लाइफ और यूथ कॉन्सेप्ट के प्रमुख सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए। इनमें राजकुमार अग्रवाल, डॉ. मनोज सिंह, अखलाक अहमद, उमा भट्टाचार्य, डॉ. दिलीप कुमार, सत्यनारायण भोजगढ़िया, अनिल जैन, और मनोज साव जैसे प्रमुख नाम शामिल थे।
यह मार्च झरिया में प्रदूषण और स्वास्थ्य संकट की गंभीरता को उजागर करने और इसके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग को लेकर एक मजबूत संदेश देने में सफल रहा।