बिहार (BIHAR): विधानसभा चुनाव के माहौल के बीच मोकामा सीट एक बार फिर सुर्खियों में है। इसी सीट से जेडीयू उम्मीदवार और चर्चित नेता अनंत सिंह को एक पुराने आपराधिक प्रकरण में गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया है। इससे अब यह साफ हो गया है कि वे जेल में रहते हुए ही चुनावी प्रक्रिया में बने रहेंगे।
शनिवार देर रात बाढ़ के कारगिल मार्केट इलाके में पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में अनंत सिंह अपने दो करीबी सहयोगियों—मणीकांत ठाकुर और रंजीत राम (उर्फ दिमागी)—के साथ पकड़े गए। यह कार्रवाई दुलारचंद यादव की हत्या के पुराने मामले से जुड़ी है, जिसमें पटना पुलिस की विशेष टीम ने कार्रवाई की।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए
गिरफ्तारी के बाद तीनों को पटना लाकर चिकित्सीय जांच कराई गई। रविवार दोपहर इन्हें एमपी-एमएलए अदालत के न्यायाधीश चंदन कुमार वर्मा के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से इन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। शाम तक अनंत सिंह को बेऊर जेल के आमद वार्ड में रख दिया गया, जहाँ वे 15 नवंबर तक रहेंगे।
चुनाव प्रचार अब पत्नी नीलम देवी के हाथों में
गिरफ्तारी के तुरंत बाद मोकामा में सियासी समीकरण बदलने लगे हैं। अनंत सिंह की अनुपस्थिति में उनकी पत्नी नीलम देवी ने चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभाल ली है। रविवार से ही उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से संपर्क अभियान शुरू किया। मोकामा विधानसभा क्षेत्र में उनका मुकाबला आरजेडी के सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी और जनसुराज के उम्मीदवार प्रियदर्शी पीयूष से माना जा रहा है।
विपक्षी उम्मीदवार पर भी बढ़ी कानूनी कार्रवाई की आशंका
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब अनंत सिंह के समर्थक जितेंद्र कुमार ने जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रियदर्शी पीयूष सहित छह लोगों के खिलाफ भदौर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस अब पीयूष पर लगे आरोपों की भूमिका की जाँच कर रही है, जिससे चुनाव का मुकाबला और अधिक पेचीदा होता जा रहा है।