धनबाद (सिंदरी): सिंदरी और बलियापुर के बाजारों में धनतेरस के अवसर पर उत्साह की झलक देखने को मिली। यह पर्व, जो सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, शनिवार और रविवार को विशेष रूप से मनाया गया। इलेक्ट्रॉनिक सामान, दोपहिया वाहन और रसोई बर्तन की दुकानों में खरीदारों की अच्छी-खासी भीड़ रही। ऑटोमोबाइल सेक्टर में जीएसटी दरों में कमी के बाद काफी तेजी देखने को मिली, जबकि सोने और चांदी के भावों में लगातार वृद्धि होने से कुछ वस्तुओं की बिक्री पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कम रही।
पिछले वर्ष 24 कैरेट सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 81,400 रुपये था, जो इस साल बढ़कर 1,34,800 रुपये हो गया है। वहीं चांदी का मूल्य प्रति किलोग्राम 1,77,000 रुपये पर पहुंच गया है। इस बढ़ोतरी के पीछे अमेरिका-चीन व्यापारिक तनाव को एक मुख्य कारण माना जा रहा है।
इस वर्ष धनतेरस दो दिन तक चल रहा है। रविवार को यह पर्व पौने दो बजे तक मनाया जाएगा। बाजार के आभूषण विक्रेताओं का कहना है कि शनिवार को कुछ लोग खरीदारी में संकोच कर सकते हैं, लेकिन रविवार को बिक्री में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इस दिन झाड़ू खरीदना भी शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे घर की अशुभ चीज़ों को दूर करने वाला प्रतीक माना जाता है।
त्योहारी सीजन में औद्योगिक प्रतिष्ठानों से बोनस और विभिन्न ब्रांडों द्वारा दिए जा रहे आकर्षक ऑफर्स ने टीवी, मोबाइल फोन, स्टील के बर्तन, रसोई उपकरण और फर्नीचर जैसी वस्तुओं की मांग में इजाफा किया। सुबह से रात तक बाजार में भीड़ रही और अनुमान है कि इस साल कारोबार करोड़ों रुपये तक पहुँच सकता है। भीड़ को देखते हुए अनुमंडल प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी थी और प्रमुख बाजारों तथा चौक-चौराहों पर पुलिस की तैनाती की गई।
धनतेरस हर वर्ष कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, जिन्हें आरोग्य का देवता माना जाता है, की पूजा की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत का कलश लिए प्रकट हुए थे। इस दिन सोना, चांदी और बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है।
