पेयजलापूर्ति की जितनी भी योजना है, वह आमजनों को सुचारू पानी सप्लाई करने के लिए बनाई जाती है, केवल टावर (पानी की टंकी) बनाने के लिए नहीं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि जिले के सुदूर वर्ती क्षेत्रों में बसने वाले लोगों के घर तक स्वच्छ एवं निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित हो।
उपरोक्त बातें उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन ने आज जलापूर्ति तथा जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक की समीक्षा के दौरान जलापूर्ति योजना में हो रहे विलंब पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कही। उपायुक्त ने दयाबांसपहाड़ की एक योजना में विलंब के कारण संवेदक, विद्यांचल कंस्ट्रक्शन, पर नामजद प्राथमिकी दर्ज करने एवं सर्टिफिकेट केस करने का निर्देश दिया।
वहीं निरसा – गोविंदपुर उत्तर एवं दक्षिण जलापूर्ति योजना की धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। इसके संवेदक ने बताया कि योजना पूरी करने में विभिन्न तरह की बाधा उत्पन्न की जा रही है। जिसके कारण कार्य में विलंब हो रहा है। उपायुक्त ने सामुदायिक लाभ व लोकहित के कार्य में बाधा पहुंचाने वालों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही योजना के लिए पथ निर्माण विभाग, रेलवे, एनएचएआई व डीवीसी इत्यादि के पास लंबित अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना, एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना, बाघमारा ग्रामीण जल आपूर्ति योजना, महुदा बस्ती और आसपास के गांव, पत्थलगड़िया, तोपचांची, बलियापुर, टुंडी – कोल्हार – जाताखूंटी, मोहिलिडीह – लटानी – रूपन जलापूर्ति योजना सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की।
उपायुक्त ने संवेदकों को पूरी हो चुकी योजना का हैंडओवर लेटर देने तथा पीएचईडी 1 व 2 के कार्यपालक अभियंता को हर सप्ताह पूरी हो गई योजना का हैंड ओवर लेने के लिए बैठक करने का निर्देश दिया।
वहीं जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में उपायुक्त ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज 2 के तहत क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, पीएचईडी 1 के कार्यपालक अभियंता श्री रंजीत कुमार, पीएचईडी 2 के कार्यपालक अभियंता श्री मुकेश कुमार मंडल, कनीय अभियंता के अलावा योजना के संवेदक व अन्य लोग मौजूद थे।
संवाददाता- गौरव
कुसुम न्यूज़ रिपोर्ट
