शैक्षणिक सुविधाओं व छात्र हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अभाविपका बीबीएमकेयू में धरना प्रदर्शन

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धनबाद: मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), धनबाद महानगर के नेतृत्व में बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक समस्याओं एवं छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय भ्रमण पर पधारे झारखंड सरकार के माननीय उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के उच्च शिक्षा सचिव से अभाविप के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर उन्हें 12 सूत्री मांग-पत्र सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा सचिव को अवगत कराया कि विश्वविद्यालय एवं इसके अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों में अनेक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनियमितताएँ व्याप्त हैं, जिससे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। परिषद ने मांग की कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।

ज्ञापन के माध्यम से परिषद ने प्रमुख रूप से स्ववित्तपोषित (Self-Financed) पाठ्यक्रमों में मनमानी शुल्क वसूली पर रोक लगाकर पारदर्शी शुल्क व्यवस्था लागू करने एवं स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों को समाप्त करने, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में सीटों का समान वितरण सुनिश्चित करने, धनबाद एवं बोकारो के सभी सरकारी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय के पुस्तकालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप आधुनिक एवं समृद्ध बनाने, तथा बोकारो जिले के सभी सरकारी महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (PG) स्तर पर सभी विषयों की पढ़ाई प्रारंभ करने की मांग की।

इसके अतिरिक्त परिषद ने सभी सरकारी महाविद्यालयों में स्थायी Student Help Desk की स्थापना, पी.के. राय मेमोरियल कॉलेज के भवन का जीर्णोद्धार एवं पुस्तकालय सुदृढ़ीकरण, एस.एस.एल.एन.टी. महिला महाविद्यालय के पुस्तकालय में सुधार एवं हेल्प डेस्क की व्यवस्था, लॉ कॉलेज में एल.एल.एम. (LL.M.) की पढ़ाई प्रारंभ करने तथा बस सुविधा उपलब्ध कराने, बी.एस.एस. कॉलेज में नियमित प्राचार्य की नियुक्ति, कतरास कॉलेज में कुलाधिपति पोर्टल पर ओड़िया विषय को तत्काल जोड़ने, महुदा कॉलेज परिसर में अवैध रूप से संचालित डिग्री कॉलेज की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने, तथा विश्वविद्यालय के अंतर्गत सभी महाविद्यालयों में स्थायी आयोग से चयनित नियमित प्राचार्यों की नियुक्ति की भी मांग की।
सभी मांगों को लेकर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अंशु तिवारी ने कहा कि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन मिली भगत से सरकार उच्च शिक्षा का राजनीतिक कारण तथा व्यवसायीकरण करने का काम जोरों से हो रहा हैं ।
विश्वविद्यालय मंत्री सचिन चंद्र ने कहा कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत जितने भी महाविद्यालय आते हैं किसी भी महाविद्यालय में स्थाई कमीशन प्रिंसिपल नियुक्त नहीं है जिससे महाविद्यालय के विकास एवं बच्चों के शैक्षिक कार्य के विकास में बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ रहा है।
पीके राय महाविद्यालय की अभाविप मंत्री श्यामली आनंद ने कहा कि महाविद्यालयों में क्लस्टर सिस्टम एवं सेल्फ फाइनेंस कोर्स के प्रति बच्चों में अनेक प्रकार की भ्रांतियां हैं और बच्चों को इसमें दूर-दूर से आने जाने की समस्या एवं अत्यधिक मूल्य देने देकर पढने जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है जी कोर्स को पहले 5000 में पूरा किया जाता था आज इस कोर्स को पूरा करने के लिए 50000 से लेकर डेढ़ लाख तक की फीस वसूलने का काम विश्वविद्यालय प्रशासन कर रही है।
उच्च शिक्षा सचिव ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई एवं समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

अभाविप ने स्पष्ट किया कि यदि विद्यार्थियों की इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन छात्रहित में चरणबद्ध एवं व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन एवं राज्य सरकार की होगी।
मौके पर प्रादेशिक विश्वविद्यालय सहसंयोजक शुभम हजारी, धनबाद ग्रामीण जिला संयोजक अनुभव शर्मा, पूर्व विभाग संयोजक सुधांशु गुप्ता, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विक्की ठाकुर, प्रियंका गोराई , आर्यन कुमार, धनबाद महानगर सह मंत्री जयेश राठौर, कार्यालय मंत्री अमित तिवारी पीके रॉक महाविद्यालय अध्यक्ष करीना कुमारी, हरगोविंद पाठक, सुनीता कुमारी, दिव्या श्रेष्ठ , संगीता कुमारी अन्य प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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