प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पर आज समाहरणालय के सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज तथा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती स्नेह कश्यप ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर सभी महिला पर्यवेक्षिका एवं सीडीपीओ को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि इस योजना से एक भी योग्य लाभुक वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एक प्रमुख मातृत्व लाभ योजना है। जिसके तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले बच्चे के जन्म के समय पोषण और बेहतर स्वास्थ्य के लिए आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है।
योजना का लाभ उठाने के लिए गर्भवती महिलाओं को अपने निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र या आशा कार्यकर्ता के पास पंजीकरण करवाना होता है। योजना के तहत पहले बच्चे के लिए ₹5,000 और दूसरे बच्चे के रूप में बालिका के जन्म पर ₹6,000 की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में प्रदान की जाती है।
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती स्नेह कश्यप ने योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान महिलाओं और अजन्मे बच्चे के लिए पौष्टिक आहार सुनिश्चित करना है। वहीं काम करने वाली महिलाओं की गर्भावस्था के दौरान मजदूरी के नुकसान की आर्थिक रूप से भरपाई करना भी योजना में शामिल है।
उन्होंने बताया कि वैसी सभी गर्भवती माताएं जो केंद्र/राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक उपक्रम में नियमित कर्मचारी नहीं हैं और जिन्हें पहले से मातृत्व अवकाश का लाभ नहीं मिल रहा, वे इस योजना के लिए पात्र हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से इसके लिए आवेदन किया जा सकता है।
रांची से आए प्रशिक्षक श्री आनंद पांडेय तथा नोडल महिला पर्यवेक्षिका शिखा कुमारी ने सभी महिला पर्यवेक्षिका व सीडीपीओ को ऐप सहित अन्य विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती स्नेह कश्यप, सभी पर्यवेक्षिका, सभी सीडीपीओ, रांची से आए प्रशिक्षक श्री आनंद पांडेय तथा नोडल महिला पर्यवेक्षिका शिखा कुमारी उपस्थित थे।