धनबाद, : 90 दिवसीय अवेयरनेस एवं आउटरीच कार्यक्रम के तहत शनिवार को राजगंज एवं बाघमारा क्षेत्र में चाइल्ड एवं वूमेन ट्रैफिकिंग (बाल एवं महिला तस्करी) विषय पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश मयंक तुषार टोपनो ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को मानव तस्करी के बढ़ते खतरे, इसके दुष्परिणामों तथा इससे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यशाला में उपस्थित लोगों को डालसा की टीम द्वारा बताया गया कि बाल एवं महिला तस्करी एक गंभीर सामाजिक अपराध है, जिससे बच्चों और महिलाओं के अधिकारों का हनन होता है। वक्ताओं ने कहा कि रोजगार, शिक्षा अथवा बेहतर जीवन का झांसा देकर असामाजिक तत्व मासूम बच्चों एवं महिलाओं को अपने जाल में फंसा लेते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन अथवा संबंधित विभाग को देना आवश्यक है।
इस अवसर पर लोगों को मानव तस्करी से संबंधित कानूनी प्रावधानों, पीड़ितों के अधिकारों तथा सरकारी सहायता योजनाओं की भी जानकारी पारा लीगल वोल्ट वोलेंटियर, लक्ष्मी कुमारी, सफरी नाजमी, राजनंदन किस्कू व एलएडीसीएस की टीम द्वारा दी गई। लोगों से अपील की गई कि वे अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और समाज को इस अपराध से मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।