धनबाद : धनसार स्थित चांदमारी कोलियरी में 51 वर्षों से निरंतर चली आ रही चैत्र नवरात्रा पूजा की परंपरा इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। सैकड़ों की संख्या में कन्याओं और माताओं ने सिर पर कलश लेकर इस पावन आयोजन में भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।
पूजा समिति के अध्यक्ष महेंद्र भुइंया ने बताया कि इस दुर्गा मंदिर की स्थापना वर्ष 1975 में की गई थी, और तभी से माता के आशीर्वाद से यहां हर वर्ष चैत्र नवरात्रा का आयोजन होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा आगे भी इसी श्रद्धा के साथ जारी रहेगी।
कलश यात्रा का शुभारंभ विक्ट्री छठ तालाब से हुआ, जहां से श्रद्धालु जल लेकर बाजे-गाजे के साथ धनसार, जोड़ाफाटक और चांदमारी कांटा होते हुए पुनः मंदिर प्रांगण पहुंचे। इस दौरान पूरे मार्ग में भक्ति गीतों और जयकारों की गूंज सुनाई दी।
मंदिर पहुंचने पर पूजा समिति के सदस्यों ने सभी कन्याओं और माताओं का पैर धोकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं को जलपान, फल और शरबत वितरित किया गया तथा अंत में प्रसाद वितरण कर कलश स्थापना का शुरुआत हुआ। यह आयोजन क्षेत्र में आस्था और एकता का प्रतीक बन गया। इस पूजा को सफल बनाने में अध्यक्ष महेंद्र भुईयां, उपाध्यक्ष कमलेश भुईयां,दुलार तुरी,कोषाध्यक्ष सौदागर भुईयां,
कांता भुईयां,सचिव दिनेश भुईयां,बैजनाथ तुरी संगठन सचिव – रमेश भुईयां, शूकर भुईयां, भोला भुईयां, कार्यकारणी अध्यक्ष जनवरी भुईयां,कार्यकारणी सदस्य चंदन भुईयां,बबलू,विकाश, छोटू,सागर,सूरज,अरुण,गुड्डू विकी,राहुल बाउरी आदि शामिल हैं।