सात सूत्री मांगों को लेकर राज्यपाल के बुलावे पर प्रतिनिधियों से हुई वार्ता
धनबाद/ रांची:लोक भवन झारखंड में 28 जनवरी 2026 को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से झारखंड कुशवाहा महासभा के प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई। इस प्रतिनिधि मंडल में महासभा के मुख्य संरक्षक सह पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, प्रदेश अध्यक्ष हाकिम प्रसाद महतो, संगठन सचिव बटेश्वर प्रसाद मेहता, कोषाध्यक्ष भुवनेश्वर महतो भुन्नु, कोर कमेटी के सदस्य रविंद्र वर्मा और संजय शान शामिल थे। विगत माह महासभा के द्वारा लोक भवन झारखंड के समक्ष एकदिवसीय महाधरना का आयोजन किया गया था। उसी महाधरना के सात सुत्री मांगों को लेकर मंगलवार 28 जनवरी को राज्यपाल के बुलावे पर प्रतिनिधियों के संग वार्ता हुई। प्रतिनिधियों ने पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 27% सभी जिलों में लागू करने। कृषि को उद्योग का दर्जा देने। भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 को राज्य में पूर्ण रूप से लागू करने। विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, रोजगार एवं मुआवजा हेतु पृथक नीति बनाने। विस्थापितों को तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों की नौकरी देने। सरकार भूमि को लीज पर अधिग्रहण करे और लीज समाप्ति के उपरांत भूमि पुनः रैयतों को वापस करने के साथ हजारीबाग के ईचाक एवं कोडरमा के डोमचांच प्रखंड क्षेत्र के व्यवसायिक क्षेत्र को इको-सेंसिटिव जोन से मुक्त रखने की मांगों को राजपाल के समक्ष रखा। राज्यपाल ने प्रतिनिधि मंडल कि मांगों को गंभीरता पूर्वक सुनते के बाद आश्वासन दिया कि वे अपने स्तर से इन मांगों पर सरकार से मंतव्य मांगते हुए यथोचित कारवाई करेंगे। राज्यपाल से वार्ता उपरांत प्रतिनिधिमंडल में यह उम्मीद जताई की राजपाल द्वारा उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही अवश्य होगी।