केंदुआडीह क्षेत्र में जारी जहरीली गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए राहत अभियान के दूसरे दिन भी बोरहोल की प्रक्रिया जारी रही। राजपूत बस्ती स्थित पुराने जीएम बंगले के पास मंगलवार की शाम से ही बोरिंग का काम शुरू किया गया। पहले दिन करीब 6 मीटर तक बोरिंग की गई थी, जबकि आज बोरिंग को 20 मीटर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। मौके पर भारी मशीनों के साथ तकनीकी टीम तैनात रही।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि भूमिगत गैस को नियंत्रित करने के लिए 14 हजार लीटर लिक्विड नाइट्रोजन पहले ही मंगाई जा चुकी है। बोरिंग पूरी होने के बाद इसी बोरहोल के माध्यम से नाइट्रोजन गैस डालकर कार्बन मोनोऑक्साइड के दबाव को कम किया जाएगा। ड्रिलिंग का कार्य एमईसीएल द्वारा किया जा रहा है, जबकि धनसार माइंस रेस्क्यू स्टेशन के विशेषज्ञ तकनीकी सहयोग दे रहे हैं।
सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित इलाके को अलर्ट मोड पर रखा गया है। डीजीएमएस और सिंफर के वैज्ञानिक लगातार गैस की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही आईआईटी-आईएसएम धनबाद, सीएमपीडीआई और सिंफर की संयुक्त टीम हालात पर नजर बनाए हुए है।
स्थानीय निवासी मोहम्मद साजिद ने बताया कि बोरिंग का काम जारी है, लेकिन गति काफी धीमी है। उन्होंने कहा कि अभी भी 500 से 600 मीटर के दायरे में गैस रिकॉर्ड की जा रही है। लोगों की मांग है कि कार्य में तेजी लाई जाए ताकि लंबे समय से परेशान स्थानीय लोगों को जल्द राहत मिल सके।