धनबाद:
हरी मंदिर परिसर में बंगाली समिति द्वारा विशेष नाट्य यात्रा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बांग्ला भाषा, साहित्य और संस्कृति को संजोकर नई पीढ़ी तक पहुँचाना रहा।
आयोजन समिति ने बताया कि हर साल चार बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें से पहली कड़ी के रूप में यह यात्रा प्रस्तुत की गई। नाटक के माध्यम से बांग्ला भाषा और संस्कृति का संदेश बच्चों तक पहुँचाने का प्रयास किया गया।
समिति के सदस्यों ने कहा कि इस मंच का मकसद केवल पुराने कलाकारों को सम्मान देना ही नहीं, बल्कि नए प्रतिभाशाली कलाकारों को भी अवसर प्रदान करना है। चाहे वह संगीत हो, नाटक हो या अन्य कला—हर कलाकार को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है।
इस मौके पर बताया गया कि प्रत्येक नाट्य प्रस्तुति में कथानक, संगीत और निष्ठा के माध्यम से भारतीय संस्कृति के मूल्यों को परिभाषित किया जाता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
कुसुम न्यूज़ से कुमार की रिपोर्ट