धनबाद: खाद सुरक्षा कार्यालय धनबाद में लगातार प्रशासनिक अनदेखी और दफ्तर की बदहाली की खबरें सामने आ रही हैं। फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. राजा कुमार, जो 15 फरवरी 2024 को अपने पद पर नियुक्त हुए, लगातार कार्यालय की व्यवस्था सुधारने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें विभिन्न स्तरों पर अड़चनों का सामना करना पड़ रहा
है। 15 फरवरी 2024 से 1 मार्च 2025 तक, खाद सुरक्षा विभाग ने 581 खाद सुरक्षा लाइसेंस और 3420 नए पंजीकरण जारी किए। इससे साफ जाहिर होता है कि कार्यालय में कामकाज की गति तेज हुई है। बावजूद इसके, कार्यालय की मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है। स्थिति यह है कि दफ्तर में एक निश्चित कार्यस्थल तक नहीं है, और फूड सेफ्टी ऑफिसर को कभी कंप्यूटर ऑपरेटर के पास तो कभी किसी कोने में बैठकर काम करना पड़ता है।
जानकारी के मुताबिक, कार्यालय की मरम्मत के लिए बजट भी आवंटित हो चुका है, लेकिन इसमें सिविल सर्जन और उनके प्रशासनिक स्टाफ का कोई सहयोग नहीं दिख रहा। कार्यालय में एक छोटे से छोटे काम के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता है। प्रधान लिपिक सुदर्शन कुमार द्वारा ज़रूरी कार्यों में अड़चनें डाली जा रही हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि कार्यालय के भीतर ही बाधाएँ खड़ी की जा रही हैं। जब *वंदे भारत* की टीम ने इस मामले पर सिविल सर्जन से मिलने का प्रयास किया, तो गार्ड द्वारा समय देकर मिलने से इनकार कर दिया। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस पूरे मामले में मिलीभगत हो सकती है।
सरकार से अनुरोध है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और खाद सुरक्षा कार्यालय धनबाद को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। *वंदे भारत* की टीम इस मुद्दे को हल होने तक सवाल उठाती रहेगी।