धनबाद/चिरकुंडा: सहायक उत्पाद आयुक्त रामलीला रवानी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार को धनबाद उत्पाद विभाग की टीम ने निरसा के गल्फरबाड़ी ओपी क्षेत्र में छापामारी कर नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में करीब 1,733 पेटी अवैध शराब, 15,254 गैलन स्प्रिट, पंचिंग मशीन सहित कई उपकरण जब्त किए गए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 1-2 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।छा
पेमारी के दौरान तीन मजदूरों—रणधीर कुमार सिंह (सिवान), प्रीतम कुमार सिंह और सुमित कुमार सिंह (जमुई) को हिरासत में लिया गया। टीम ने जब्त शराब और अन्य सामग्री को 9 पिकअप वैन में लादकर ले जाया, जबकि खाली बोतलों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।अधिकारियों के अनुसार, यह नकली शराब होटलों, ढाबों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सप्लाई की जा रही थी और इसे होली से पहले बिहार और उत्तर प्रदेश सहित अन्य जिलों में भेजने की योजना थी।
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एक घर की चारदीवारी के भीतर अवैध रूप से शराब की रिफिलिंग और लेबलिंग की जा रही थी।स्थानीय लोगों में इस बात की चर्चा है कि इतने बड़े स्तर पर हो रही इस अवैध शराब फैक्ट्री की भनक स्थानीय पुलिस को न लगना संदेह पैदा करता है। मामले की जांच के लिए हिरासत में लिए गए तीनों मजदूरों से पूछताछ की जा रही है।
छापामारी दल का नेतृत्व दंडाधिकारी गौतम कुमार महतो ने किया, जबकि टीम में निरीक्षक जमान कुजूर, कुमार सत्येंद्र, जितेंद्र कुमार सिंह और अमित कुमार शामिल थे। पूरी कार्रवाई की अगुवाई सहायक उत्पाद आयुक्त रामलीला रवानी ने की।अधिकारियों ने कहा कि नकली शराब के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।