राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत धनबाद जिले में चल रहे कार्यों की प्रगति एवं आगामी रणनीति को लेकर सिविल सर्जन डॉ संजीव कुमार प्रसाद की अध्यक्षता में सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रेखा कुमारी सहित स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में किए जा रहे कार्यों, विशेषकर संभावित रोगियों की शीघ्र पहचान, गुणवत्तापूर्ण जाँच, उपचार की निरंतरता एवं वित्तीय सहायता के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की बिंदुवार समीक्षा की गई।
सिविल सर्जन ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि संभावित टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान कर उनकी समय पर जाँच कराई जाए। पुष्टि किए गए सभी मरीजों का निक्षय पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र मरीजों को सरकार द्वारा प्रदत्त सभी लाभ समय पर मिल सकें।
वहीं टीबी की सटीक पहचान के लिए न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट आधारित जाँच की उपलब्धता व उपयोग पर जोर दिया गया। इसके साथ ही फील्ड स्तर पर संभावित मरीजों की त्वरित स्क्रीनिंग के लिए हैंडहेल्ड एक्स-रे तकनीक का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिले के सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम व क्लीनिकों में उपचार करा रहे टीबी मरीजों का निक्षय पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित कराने पर बल दिया गया।मरीजों को मिलने वाली पोषण सहायता राशि के संबंध में बैंक विवरणों का सत्यापन कर डीबीटी से जुड़े सभी लंबित भुगतानों को अविलंब निष्पादित करने के निर्देश दिए गए। अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए आम नागरिकों को ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’ डाउनलोड करने और इसके उपयोग के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया।
सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार प्रसाद ने कहा कि टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी पदाधिकारियों एवं फील्ड कर्मियों को आपसी समन्वय, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ समयबद्ध कार्य करना होगा। उन्होंने नियमित क्षेत्र भ्रमण और फॉलो-अप सुनिश्चित करने के निर्देश के साथ बैठक का समापन किया।