सिंदरी (धनबाद)। डी नोबिली स्कूल, सिंदरी में इन दिनों सोशल सर्विस वीक बड़ी ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में विद्यालय परिवार ने मानवीय मूल्यों और सामाजिक संस्कारों को जीवंत करने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की।
विद्यालय की प्रधानाचार्या प्रीता साजन उप-प्रधानाचार्या रीनीता, शिक्षिका बी ज्योति एवं शिक्षक विश्वजीत के कुशल मार्गदर्शन में बच्चों ने “एक सम्मान की नीति – मानवता ही असली मूल्य है” के संदेश को आत्मसात किया। बच्चों को बताया गया कि दीपावली केवल अपने घर में दीये जलाने का नाम नहीं, बल्कि उन लोगों के जीवन में भी उजाला भरने का नाम है, जो अकेलेपन में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
इसी भावना के साथ बच्चों ने अपनी पॉकेट मनी और छोटी-छोटी बचत से बुजुर्ग आश्रम में रह रहे दादा-दादियों के लिए दीपावली सामग्री का संग्रह किया। बच्चों द्वारा एकत्र की गई सामग्री में चावल, आटा, गुड़, चीनी, तेल, दाल, बिस्कुट, मोमबत्ती, दिया, मधुर मिठाइयाँ और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल थीं।
बुजुर्ग आश्रम पहुंचकर बच्चों ने न केवल सामग्री वितरित की, बल्कि घंटों तक दादा-दादी के साथ बैठकर बातें की, उनके अनुभव सुने और उनके साथ दीपावली मनाने का वादा किया। इस दौरान आश्रम का माहौल भावुक और खुशी से भर गया। कई बुजुर्गों की आंखें अपने नाती-पोतों जैसी उम्र के बच्चों को देखकर भर आईं।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों में बचपन से ही सेवा, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यकारिणी अध्यक्ष बरनवाल सुधीर और कोषाध्यक्ष ओंकार मिश्रा की मुख्य भूमिका रही, वहीं सुबोल और शांति ने पूरे कार्यक्रम के संचालन में विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर डॉ. डी. शरण और नौशाद गद्दी ने सभी शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक कार्य करता रहेगा।