5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची व 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
छुटे मतदाताओं को अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य रुप से मैपिंग करा लेने की अपील
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर 2026) को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री आदित्य रंजन ने आज पत्रकार वार्ता का आयोजन कर मीडिया को बताया कि एसआइआर प्रक्रिया में धनबाद के 74.73% मतदाताओं का मैपिंग संपन्न हुआ है। इसमें सिंदरी विधानसभा के 83.34%, निरसा के 85.04%, धनबाद के 56.67%, झरिया के 63.64%, टुंडी के 85.79% एवं बाघमारा विधानसभा के 80.46% मतदाताओं का मैपिंग कर लिया गया है।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि जिले के 21 लाख 15 हजार 997 मतदाताओं में से 15 लाख 81 हजार 364 मतदाताओं की मैपिंग हो गई है। जबकि 5 लाख 34 हजार 633 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है। वहीं सिंदरी विधानसभा में 75884, निरसा में 69806, धनबाद में 60607, झरिया में 50770, टुंडी में 63873 व बाघमारा विधानसभा में 52467 मतदाताओं सहित 373407 मतदाताओं में विसंगतियां पाई गई।
एसआइआर की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने मीडिया को बताया कि सभी विधानसभा के ईआरओ यह सुनिश्चित करेंगे कि एसआइआर के दौरान कोई भी योग्य नागरिक छूटा नहीं है तथा किसी भी अयोग्य व्यक्ति को शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि एसआइआर के दौरान जो भी मतदाता अपना गणना प्रपत्र जमा करेंगे उन्हें पिछले इंसेंटिव रिवीजन के साथ मैपिंग के साथ या बिना मैपिंग के ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
साथ में बताया कि जिन मतदाता ने साइन करने से मना कर दिया है और जिन मतदाता का नाम एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ या डुप्लीकेट लिस्ट में है, उनके गणना प्रपत्र को ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। वही वैसे मतदाताओं को सुनवाई का मौका दिए बिना ड्राफ्ट रोल से किसी का नाम नहीं हटाया जाएगा। किसी भी प्रभावित व्यक्ति के लिए दो लेवल की अपील का प्रावधान है। जबकि नए मतदाता को डिक्लेरेशन फॉर्म के साथ फॉर्म 6 भी जमा करना होगा।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि यदि कोई भी भारतीय नागरिक है और उनका नाम वर्तमान मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं है तो वे फॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र के साथ जन्मतिथि के अनुसार स्वयं अथवा स्वयं के साथ माता या पिता या स्वयं के साथ माता एवं पिता दोनों का दस्तावेज देना होगा।
उन्होंने बताया कि यदि किसी का जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में हुआ है तो उनको सिर्फ स्वयं का दस्तावेज देना होगा। यदि जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच भारत में हुआ है तो उनका स्वयं के साथ माता अथवा पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा। जबकि यदि किसी का जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद भारत में हुआ है तो उनको स्वयं के साथ माता एवं पिता दोनों के दस्तावेज देने होगा।
उन्होंने बताया कि यदि किसी का जन्म भारत के बाहर हुआ है एवं उनके माता-पिता भारतीय नागरिक हैं तो उनको, उनके जन्म वाले देश में स्थित भारतीय दूतावास से जारी जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। वहीं यदि उनका जन्म भारत के बाहर हुआ है एवं उनके माता-पिता भारत के नागरिक नहीं है तो उनको नागरिकता प्रमाण पत्र देना होगा।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि यदि किसी का या एवं उनके माता-पिता का नाम गत एसआइआर की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तो वे 1. किसी भी केंद्रीय/राज्य/सार्वजनिक क्षेत्र के नियमित कर्मचारी अथवा पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश। 2. 01.07.1987 से पूर्व भारत में सरकार / स्थानीय प्राधिकरण / बैंक / डाकघर / एलआईसी / सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाणपत्र/दस्तावेज। 3. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र। 4. पासपोर्ट। 5. मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन अथवा शैक्षणिक प्रमाण पत्र। 6. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र। 7. वन अधिकार प्रमाण पत्र। 8. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी अथवा अन्य जाति प्रमाण पत्र। 9. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ भी मौजूद हो)। 10. राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर। 11. सरकार द्वारा जारी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र (खतियान की प्रति) अथवा 12. आधार की प्रति देने पर ऊपर बताए गए 11 दस्तावेजों में से किसी एक की स्व-सत्यापित प्रति भी जमा कर सकते हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय सारणी पर प्रकाश डालते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने मीडिया को बताया कि 20 जून से 29 जून तक प्रशिक्षण एवं मुद्रण कार्य संपन्न किया जा रहा है। 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ द्वारा घर-घर भ्रमण करेंगे। 29 जुलाई तक मतदान केंद्रों का राशनलाइजेशन पूरा कर लिया जाएगा। 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा एवं आपत्ति करने के लिए समय निर्धारित किया गया है। 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक दावों एवं आपत्तियों का निपटान किया जाएगा। जबकि 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को त्रुटि रहित एवं समय पर संपन्न कराने के लिए उप निर्वाचन पदाधिकारी, सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर, बूथ लेवल एजेंट -2, वलिंटियर्स को प्रशिक्षित किया गया है।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि कोई भी मतदाता वेबसाइट ceo.jharkhand.gov.in पर 2003 के मतदान केंद्र की जानकारी, 2003 की मतदाता सूची को डाउनलोड, 2003 की मतदाता सूची में अपना नाम, अनमैप्ड मतदाता की सूची, बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर एवं देख सकता है। जबकि voters.eci.gov.in पर पिछले एसआइआर में अपना नाम, मतदाता सूची से अपना नाम डिलीट करने, वोटर कार्ड में सुधार इत्यादि कर सकता है।
मीडिया को मतदान केंद्रों की जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि राशनलाइजेशन के बाद जिले में पहले 2372 मतदान केंद्र थे उसमें 112 केंद्रों की बढ़ोतरी के साथ अब यह 2484 हो गए हैं। इसमें कुछ विधानसभा में मतदान केंद्रों में बढ़ोतरी हुई है जबकि कुछ विधानसभा में मतदान केंद्रों की संख्या कम हुई है।
पत्रकार वार्ता के समापन से पूर्व जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने जिले के सभी मतदाताओं को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजर को सहयोग कर अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य रुप से मैपिंग कराने की अपील की।
पत्रकार वार्ता में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री कालिदास मुंडा, निदेशक डीआरडीबी श्री राजीव रंजन, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री अभिषेक झा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह के अलावा बड़ी संख्या में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद थे।
Team PRD Dhanbad