नेपाल सरकार में होगा बड़ा फेरबदल, दो नए चेहरों की मंत्री पद में एंट्री संभव

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काठमांडू। नेपाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह जल्द ही अपनी सरकार का विस्तार करने जा रहे हैं। मंगलवार को प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार में दो नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इनमें पूर्व गृह मंत्री सूडान गुरुंग और नवाचार एवं तकनीकी क्षेत्र में पहचान रखने वाले महावीर पुन के नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में आयोजित किया जा सकता है। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि सूडान गुरुंग को एक बार फिर गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि महावीर पुन को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्रालय का नेतृत्व सौंपे जाने की चर्चा है।

विज्ञान और नवाचार को मिलेगा नया मंच

हाल ही में नेपाल सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में बदलाव करते हुए मंत्रालयों की संख्या घटाई है। इसी पुनर्गठन के दौरान विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के लिए अलग मंत्रालय का गठन किया गया। माना जा रहा है कि तकनीकी विकास और अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

महावीर पुन लंबे समय से तकनीकी शिक्षा, डिजिटल विकास और नवाचार के समर्थक रहे हैं। यदि उन्हें मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलती है, तो यह क्षेत्र नई नीतियों और योजनाओं के साथ आगे बढ़ सकता है।

जांच में राहत मिलने के बाद वापसी की राह

सूडान गुरुंग की संभावित वापसी के पीछे हाल ही में आई सरकारी जांच रिपोर्ट को अहम माना जा रहा है। जांच समिति ने उन्हें आरोपों से मुक्त बताया था, जिसके बाद कैबिनेट ने भी रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया।

उल्लेखनीय है कि अप्रैल में गुरुंग ने गृह मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उन पर कारोबारी दीपक भट्ट से जुड़ी कुछ कंपनियों में हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठे थे। विपक्षी दलों ने इसे हितों के टकराव का मामला बताया था।

हालांकि गुरुंग ने शुरुआत से ही इन आरोपों को खारिज किया। उनका कहना था कि संबंधित कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी मंत्री बनने से पहले की थी और इसका पूरा विवरण उनकी घोषित संपत्तियों में दर्ज है।

आंदोलन के बाद बढ़ा राजनीतिक प्रभाव

पिछले वर्ष हुए Gen-Z आंदोलन के बाद सूडान गुरुंग का राजनीतिक प्रभाव तेजी से बढ़ा। गोरखा क्षेत्र से चुनावी सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और बाद में गृह मंत्री का पद संभाला।

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रशासनिक और सुरक्षा मामलों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिससे वे लगातार चर्चा में बने रहे।

सरकार की नई प्राथमिकताओं पर नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार केवल राजनीतिक संतुलन का प्रयास नहीं है, बल्कि सरकार की नई प्राथमिकताओं का संकेत भी है। एक ओर अनुभवी नेता सूडान गुरुंग की वापसी चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर महावीर पुन जैसे तकनीकी विशेषज्ञ को सरकार में शामिल करने की संभावना को दूरगामी कदम माना जा रहा है।

अब सभी की नजरें शपथ ग्रहण समारोह और नए मंत्रियों को मिलने वाले विभागों पर टिकी हैं। यह विस्तार नेपाल सरकार की आगामी नीतियों और प्रशासनिक दिशा को प्रभावित कर सकता है

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