सम्पूर्ण क्रांति दिवस पर धनबाद में लोकनायक जयप्रकाश नारायण को दी गई श्रद्धांजलि

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धनबाद। लोकनायक स्मारक समिति, धनबाद के द्वारा शुक्रवार को बैंक मोड़ स्थित जेपी चौक पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर सम्पूर्ण क्रांति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मेयर संजीव सिंह, पूर्व सांसद पी.एन. सिंह, समाजसेवी विजय झा, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, जेएमएम नेत्री नीलम मिश्रा सहित कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।

मेयर संजीव सिंह ने बताया कि आज सम्पूर्ण क्रांति दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण के विचारों को याद किया गया। उन्होंने कहा कि हम अंग्रेजों से तो आजाद हो गए थे, लेकिन गुलामी की मानसिकता से आजादी दिलाने के लिए जयप्रकाश नारायण ने सम्पूर्ण क्रांति का बिगुल फूंका था। उन्होंने भारतवासियों को यह संदेश दिया था कि यदि कोई आपकी आवाज दबाता है तो आंदोलन के माध्यम से अपनी बात रखी जा सकती है।

पूर्व सांसद पी.एन. सिंह ने कहा कि 5 जून को ही लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने सम्पूर्ण क्रांति का आह्वान किया था और तभी से इस दिन को सम्पूर्ण क्रांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इसी दिन राजनीतिक, शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में परिवर्तन का बिगुल फूंका गया था। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विकृतियों को समाप्त कर देश को नई दिशा देने के उद्देश्य से सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन शुरू किया गया था। उन्होंने 5 जून 1974 के बाद हुए आंदोलनों और आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान 19 महीनों तक लगभग 80 हजार नेताओं को जेल में रहना पड़ा था, लेकिन लोगों का विश्वास लोकनायक जयप्रकाश नारायण पर कायम रहा।

समाजसेवी विजय झा ने बताया कि 5 जून 1974 को पटना के गांधी मैदान से जयप्रकाश नारायण ने सम्पूर्ण क्रांति का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण क्रांति का उद्देश्य राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक क्षेत्रों में व्यापक बदलाव लाना था। उनका मानना था कि समय-समय पर परिवर्तन और जनजागरण लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोकशाही हमेशा राजशाही पर हावी रहनी चाहिए और यही सम्पूर्ण क्रांति का मूल संदेश था।

जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने बताया कि सम्पूर्ण क्रांति दिवस के अवसर पर बैंक मोड़ स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके विचारों को याद किया गया तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।

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