धनबाद, 28 जनवरी 2025: मंगलवार को केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी और राज्यमंत्री श्री भूपतिराजु श्रीनिवास वर्मा ने सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) की टासरा ओपन कास्ट परियोजना और चासनाला वाशरी का दौरा किया। इस अवसर पर सेल के चेयरमैन श्री अमरेंदु प्रकाश भी उपस्थित थे।टासरा परियोजना पर पहुंचने पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सुश्री माधवी मिश्रा, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री हृदीप पी जनार्दनन, और सेल के वरीय पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया।
टासरा परियोजना की प्रगति पर चर्चा:सेल के महाप्रबंधक श्री शिवराम बनर्जी ने परियोजना की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह 4 मिलियन टन वार्षिक क्षमता वाली परियोजना है, जिसमें एक वाशरी का निर्माण भी शामिल है। इस परियोजना से स्थानीय क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम:केंद्रीय इस्पात मंत्री ने परियोजना के ले-आउट और संचालन का निरीक्षण करते हुए कहा, “टासरा परियोजना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस परियोजना से कोकिंग कोल के आयात में कमी आएगी, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी।”
महिला स्वरोजगार गतिविधियों की सराहना:मंत्रीद्वय ने सेल और मेसर्स के.टी.एम.पी.एल. के संयुक्त सीएसआर पहल के तहत संचालित महिला स्वरोजगार गतिविधियों का भी अवलोकन किया और सामाजिक उत्थान के लिए सेल के प्रयासों की सराहना की।
चासनाला वाशरी और शहीद स्मारक का दौरा:तत्पश्चात मंत्रीद्वय ने चासनाला वाशरी का निरीक्षण किया और इसके कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद वे चासनाला शहीद स्मारक पहुंचे, जहां उन्होंने खान दुर्घटना में शहीद हुए श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपस्थित अधिकारी:इस अवसर पर सेल बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी श्री बी.के. तिवारी, कोलियरी प्रभाग के कार्यपालक निदेशक श्री एस.के. सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (एचआर) श्री संजय तिवारी, महाप्रबंधक टासरा श्री एस.के. कुरील, अनुमंडल पदाधिकारी श्री राजेश कुमार, सिंदरी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री आशुतोष सत्यम, के.टी.एम.पी.एल. के श्री प्रवीण कोटा और श्री टी. रमेश सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
समाज और क्षेत्रीय विकास की प्रतिबद्धता:मंत्रीद्वय ने परियोजना को सेल की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए इसे देश के औद्योगिक और सामाजिक विकास में सहायक करार दिया।