धनबाद, 12 जनवरी 2025: मंईयां सम्मान योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। धनबाद जिले में जांच के दौरान 2257 महिलाओं के डुप्लीकेट बैंक खाते पाए गए हैं। इनमें से 649 महिलाएं विधवा पेंशन और 1608 महिलाएं दिव्यांग पेंशन का लाभ ले रही थीं।
योजना में अपात्र लाभुकों और फर्जी आवेदनों की परतें लगातार खुल रही हैं। राज्यभर में अब तक 32,893 फर्जी आवेदन सामने आए हैं। इनमें 5095 लाभुक ऐसे हैं, जिन्होंने दोहरी योजनाओं का लाभ लिया। विभाग ने इन फर्जी आवेदनों को रद्द करने और दोषियों से राशि की वसूली प्रक्रिया शुरू कर दी है।
महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अनुसार, सर्वजन पेंशन और मंईयां योजना की अलग-अलग वेबसाइट होने के कारण कई फर्जी आवेदन स्वीकृत हो गए। लाभुकों ने एक ही नाम से अलग-अलग पिता/पति के नाम दर्ज कर आवेदन किया। कुछ मामलों में दो-तीन बैंक खाते भी पाए गए।
धनबाद के अलावा अन्य मामलों का खुलासाबोकारो: कसमार प्रखंड में प्रज्ञा केंद्र के कर्मचारी रूपेश घांसी ने अपने नाम से आवेदन कर 6500 रुपये का लाभ लिया। राशि वसूली के बाद रिपोर्ट जिला कार्यालय भेजी गई।जरीडीह: दशमी कुमारी के खाते में जाने वाला पैसा पिरंगुल निवासी संतोष महतो के खाते में ट्रांसफर हो गया। फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद मंईयां योजना की वेबसाइट फिलहाल बंद कर दी गई है। विभाग ने गहन जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के महानगर अध्यक्ष जे.पी. वालिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित इस योजना की राशि 1000 से बढ़ाकर 2500 रुपये की गई थी, लेकिन जांच में सामने आए फर्जीवाड़े से सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह घोटाला योजना की पारदर्शिता और सुचारु कार्यान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। राज्य सरकार द्वारा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।