इस ऑपरेशन में नामांकित और नामांकित दोनों निकोलस की पुलिस शामिल थी।
झारखंड के ऑर्केस्ट्रा और प्रमुख पुलिस ने शनिवार को कुजू थाना क्षेत्र के मुरपा में बदमाश आलोक तुरी राहुल तुरी को ढेर कर दिया। इसके साथ ही इसमें शामिल एक बदमाश को गिरफ्तार किया गया है। आलोक ने 8 जनवरी को उरीमारी के पोटंगा गांव में सीसीएलकर को बुलाया
.
प्रतिबंधित एसएसपी अजय कुमार के अनुसार, मारे गए आलोक तुरी पर 20-25 से अधिक मामले दर्ज हैं। पकड़े गए अपराधी के पास से एक झोला मोबाइल फोन जब्त किया गया है, अभी इसकी गिनती जारी है।
संयुक्त टीम में शामिल हो गए स्टॉक
एसपी अजय कुमार ने बताया कि रेस्टॉरेंट और पार्टिसिपेंट्स पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ क्राइम वर्कर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए मांडू, कुज्जू ट्राइबर्ड बॉर्डर चरही में शामिल होने वाले हैं। इसके बाद दोनों की एक संयुक्त टीम बनी और क्षेत्र में कॉन्स्टेबल गुटबाजी शुरू हुई।
राहुल तुरी कई आपराधिक मामलों में गिरफ्तार थे।
पुलिस की बंदूकें ने पुलिस पर लगाया हमला
इस दौरान तीन से चार अपराधी कुजू थाना क्षेत्र के मुरपा में जंगल और बड़े-बड़े घास के बीच छिप गए और पुलिस पर लगातार हथियार डालने लगे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई और एक बदमाश को मार गिराया। जबकि एक को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, इनमें से तीसरे बदमाश का सफल होना भी शामिल है।

समूह येही छिपकली पुलिस पर कर रहे थे हथियार।
आतंक का पर्याय बना था आलोक एसपी ने बताया कि इनमें से तीन के पास से हथियार और कई सारे मोबाइल बरामद किए गए हैं। इन मोबाइल से वो क्षेत्र के व्यवसायियों को लेवी के लिए खतरा दिया गया था। मारे गए अपराधी की पहचान आलोक नाम के राहुल तूरी के रूप में की गई, जो कि आतंकवादी का पर्याय बन गया था।
इस पर करीब 20-25 मामले दर्ज हैं। वो टी.पी.सी. ऑर्गनाइजेशन का सदस्य है। वहीं, गिरफ्तार अपराधी आकाश करमाली है। इस पर भी पूर्व का मामला दर्ज है। जो भागा है, उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। इवेंट की शुरुआत को देखते हुए दोनों स्टूडियो के एसपी खुद के मकबरे पर क्षेत्र और स्थिति का दौरा किया।

8 जनवरी को सिनेमाघर ने सीसीएल कर्मी संतोष सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। (फाल्फ़)
सीसीएल कर्मी को मारी थी 8 गोलियाँ
उरीमारी के पोतांगा गांव के पारगढ़ा मुख्य सड़क पर बुधवार की सुबह (8 जनवरी) को ड्यूटी के दौरान सीसीएल कर्मी संतोष सिंह (40) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो बाइक पर आये तीन-तीन हथियारबंद बंदूक ने संतोष सिंह को 8 गोलियां मारीं थी।
संतोष सिंह सीसीएल बरकासयाल क्षेत्र के न्यू बिरसा परियोजना में श्रेणी वन के पद पर उपकरण थे। इधर, हत्या की जिम्मेदारी आलोक गैंग ने ली थी। सोशल मीडिया पर आलोक ने कहा था कि बार-बार चेतावनी देते हुए कहा जा रहा है कि केस को गंभीरता से लिया जाए। लेकिन गैंग की बात अनसुनी कर दी गई।