धनबाद में जया किशोरी ने श्रीश्याम गुणगान महोत्सव में भजनों और कथा से बांधा समां, भारतीय संस्कृति को अपनाने का दिया संदेश

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धनबाद: प्रख्यात आध्यात्मिक कथावाचक जया किशोरी ने मंगलवार को गोल्फ मैदान में 50वें श्रीश्याम गुणगान महोत्सव के पहले दिन भक्तों को भजनों और कथा से भावविभोर कर दिया। शाम 4:18 बजे मुख्य मंच पर पहुंचने के बाद जया किशोरी ने श्रीश्याम का पूजन-वंदन किया और व्यास पीठ पर बैठने से पहले आरती की। उन्होंने अपने भजन “श्रीराधे गोविंदा, मन भज ले रहे हरी का प्यारा नाम रे…” से समां बांध दिया। उनके भजनों पर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु झूम उठे और तालियों की गूंज के साथ सुर में सुर मिलाया।

जया किशोरी ने अपनी कथा का आरंभ बालक नरसिंह के जन्म से किया और कहा कि भारतीय शास्त्र जीवन जीने की कला सिखाते हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति की ओर लौटने का आह्वान किया और कहा कि आज की पीढ़ी पश्चिमी संस्कृति की ओर आकर्षित हो रही है, जिसका कारण हमारी संस्कृति और शास्त्रों की जानकारी का अभाव है। कथा सुनाने से पहले उन्होंने श्रोताओं से भाषा के लिए सुझाव मांगे, जिसमें हिंदी को प्राथमिकता दी गई।

कार्यक्रम में पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह, निवर्तमान मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल और सांसद ढुलू महतो ने गुलदस्ता भेंट कर जया किशोरी का स्वागत किया। इस महोत्सव के यजमान शंभूनाथ अग्रवाल, चेतन गोयनका, राकेश सिंह चौधरी, प्रदीप देवरालिया, विजय अग्रवाल और उनके परिवार के सदस्य थे।

तीन दिवसीय महोत्सव के पहले दिन भक्तों ने भजनों और कथा का आनंद लेते हुए जय श्रीश्याम और जय श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय कर दिया।

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