एकल दौड़ एवं एकल सुरताल कार्यक्रम के आयोजन हेतु एक प्रेस वार्ता रखी गई जिसमें कार्यक्रम के बारे में पूर्ण विस्तार से बताया गया। धनबाद में ग्रामीण बच्चों के प्रोत्साहन हेतु दिनांक 1 फरवरी को सुबह 6:30 से दौड़ का आयोजन धनबाद क्लब के प्रांगण से किया जाएगा जिसका उद्घाटन धनबाद के विधायक श्री राज सिंन्हा, ECL के जीएम फाइनेंस श्री श्याम सुंदर गुप्ता धनबाद क्लब की कार्यकारिणी समिति एवं आईआईटी- आईएसएम के डिप्टी डायरेक्टर प्रोफेसर धीरज कुमार के हाथों से किया जाएगा। यह दौड़ धनबाद क्लब से रणधीर वर्मा चौक, डीआरएम ऑफिस, पूजा टॉकीज, श्रमिक चौक, रंगाटांड, नया बाजार एवं बैंक मोड़ होते हुए राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में समाप्त किया जाएगा। यह दौड़ में 12 से 18 वर्ष तक के बच्चों एवं 18 से ऊपर के बच्चों का होगा। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि CSIR – CIMFR के डायरेक्टर श्री ऐ.के. मिश्रा जी एवं विशिष्ट अतिथि पर MPL Chief O&M श्री दिनेश गंगवाल जी होंगे। प्रथम पुरस्कार 5100 की राशि, द्वितीय पुरस्कार 3100 की राशि एवं तृतीय पुरस्कार 2100 की राशि तय की गई है। इसके अतिरिक्त सभी बच्चों को सर्टिफिकेट, टी शर्ट एवं कैप प्रदान किया जाएगा। इस शुभ अवसर पर एकल महिला समिति द्वारा एकल अभियान धनबाद के समस्त कार्यकर्ताओं को भी सम्मान किया जाएगा। दिनांक 1 फरवरी की संध्या में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस शुभ अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त एकल अभियान की सुरताल टीम के द्वारा रामायण की प्रस्तुति की जाएगी। भारत के रंग एकल के संग एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम। यह एकल विद्यालयों के ग्रामीण और आदिवासी बच्चों की कलात्मक प्रतिभाओं को लोक नृत्यों, देशभक्ति गीतों और नाटकों के माध्यम से प्रदर्शित करता है, जिससे उनके सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला जाता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दूरस्थ, वंचित ग्रामीण क्षेत्रों में एकल-शिक्षक विद्यालयों (एकल विद्यालय) की स्थापना के लिए तथा साक्षरता और शिक्षा को बढ़ावा देना है। ये कलाकार दूरदराज के गांवों के बच्चे हैं जिन्हें महीनों तक नृत्य, संगीत और रंगमंच कला का प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे अक्सर विदेश और भारत में अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकें।
स्व0 मदनलाल अग्रवाला जी का धनबाद के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों एवं समाज के अति पिछडे़ वर्ग तथा जागृृत समाज के उत्थान में बहुत बडा़ योगदान रहा है। मदन बाबुजी का योगदान धनबाद की अनेक सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं को स्थापित करने एवं आगे बढाने में भी रहा है। धनबाद की धरती से ही एकल विद्यालय की स्थापना कर सम्पूणर््ा भारत में विद्या की जो अलख जगाई है, वह संपूर्ण विश्व में विख्यात है एवं धनबाद को एक अलग पहचान प्रदान की है। एकल विद्यालय के माध्यम से ग्रामीण परिवारों में एक नई चेतना का आवाहन हुआ है, जिसके हम सभी आज साक्षी है। आज पूरे भारत वर्ष में लगभग एक लाख से अधिक एकल विद्यालय संचालित है जिसमें लगभग 30 लाख विधार्थी बाल शिक्षा, आरोग्य शिक्षा, बिकास शिक्षा, जागरण शिक्षा एवं संस्कार शिक्षा ग्रहण कर रहें है। आज पूरे भारत वर्ष में 1 लाख से ज्यादा शिक्षक एवं लगभग 12,500 सेवावर्ती कार्यकर्ता सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में अपनी सेवा दे रहें है।प्रसि़़़द्ध समाजसेवी, शिक्षाप्रेमी और उद्योगपति मदनबाबुजी ने ही झरिया में समाज के कुछ लोगों के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की नींव धनबाद क्षेत्र में रखी थीं। मदनबाबु ने संघ के प्रांतीय स्तर के विभिन्न पदों का दायित्व भी संभाला। इस प्रेस वार्ता के मौके पर वनबंधु परिषद के अध्यक्ष अजय अग्रवाल, महिला समिति की अध्यक्षा अनुराधा अग्रवाल, उपाध्यक्ष बसंत हेलीवाल, सचिव रोहित प्रसाद, नूतन अग्रवाल, श्री हरि वनवासी फाउंडेशन के उपाध्यक्ष आर. बी. गोयल, सचिव नितिन हड़ोदिया, संजय सिंघल, प्रभाग अध्यक्ष रविंद्र ओझा, संभाग सचिव दयानंद तिवारी, एकल फ्यूचर के अध्यक्ष आयुष तिवारी, रोहित भारती इत्यादि उपस्थित थे।