बाबा राइस मिल ग्रुप पर आयकर विभाग का शिकंजा, 42 ठिकानों पर दूसरे दिन भी छापेमारी, 3 करोड़ से अधिक नकदी जब्त

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झारखंड (JHARKHAND):
बाबा राइस मिल ग्रुप और उससे जुड़े चावल कारोबारियों के खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। गुरुवार को विभाग की टीमों ने झारखंड और बिहार के कई जिलों में एक साथ छापेमारी की। रांची, जमशेदपुर, पटना, गया और औरंगाबाद में की गई इस संयुक्त कार्रवाई में अब तक 3 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और आभूषण बरामद किए जा चुके हैं।

आयकर सूत्रों के अनुसार, सबसे बड़ी नकद बरामदगी बाबा राइस मिल ग्रुप के मुख्य संचालक योगेश साहू के रांची स्थित ठिकानों से हुई है। बरियातू रोड के ला विस्टा अपार्टमेंट स्थित फ्लैट और रातू रोड स्थित आवास से लगभग 1.25 करोड़ रुपये नकद मिले हैं। जब अधिकारियों ने इस रकम के स्रोत से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

सूत्रों का कहना है कि अन्य परिसरों से भी बड़ी मात्रा में नकदी मिली है। कहीं 50 लाख, कहीं 75 लाख, तो कुछ स्थानों से 10 से 20 लाख रुपये तक की रकम जब्त की गई है। आयकर विभाग का अनुमान है कि छापेमारी पूरी होने तक बरामद राशि का आंकड़ा और बढ़ सकता है। यह कार्रवाई शनिवार तक जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

500 से अधिक अधिकारी कार्रवाई में शामिल

इस बड़े ऑपरेशन में आयकर विभाग के 500 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी लगाए गए हैं, जो अलग-अलग टीमों में बंटकर दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और नकदी की जांच कर रहे हैं।

इन स्थानों पर चल रही है छापेमारी

रांची: नगड़ी स्थित बाबा राइस मिल, हरमू का कार्यालय, कांके रोड स्थित संचालक मनीष साहू का आवास
जमशेदपुर: सर्किट हाउस क्षेत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट मनोज चौधरी का निवास
बिहार (गया व औरंगाबाद): थोक कारोबारी राजेश साव और गौरीशंकर गुप्ता के घर व गोदाम, औरंगाबाद में बाबा राइस मिल और सीता राइस मिल के परिसर
अन्य स्थान: पटना समेत बिहार और झारखंड के कई चावल आढ़तियों के ठिकाने

कच्चे दस्तावेजों के जरिए कारोबार का शक

आयकर विभाग को पहले से जानकारी मिली थी कि बाबा राइस मिल ग्रुप कथित तौर पर कच्चे कागजों पर करोड़ों रुपये का धान और चावल कारोबार कर रहा था, ताकि कर देनदारी से बचा जा सके। छापेमारी के दौरान ऐसे कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो बेहिसाब आय, निवेश और संपत्तियों की ओर इशारा करते हैं।

विभाग अब बाबा एग्रो फूड, बाबा फूड प्रोसेसिंग और इससे जुड़े अन्य सहयोगियों—एस. मोहंती, राजकुमार लाखोटिया, संचिता जायसवाल समेत—के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रहा है। इस पूरे अभियान को झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के आयकर अधिकारियों की संयुक्त टीम अंजाम दे रही है।

आयकर विभाग का मानना है कि इस नेटवर्क के जरिए सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है। छापेमारी पूरी होने के बाद ही जब्त संपत्तियों और टैक्स चोरी की वास्तविक राशि को लेकर आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।

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