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हीरापुर थाना क्षेत्र में दामोदर नदी किनारे कुकुरमुत्ते की तरह उग आए अवैध बालू घाट

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आसनसोल, पश्चिम बंगाल (धनबाद):
हीरापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत दामोदर नदी के तट पर अवैध बालू घाटों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन घाटों से रोज़ाना करीब 100 से 200 ट्रैक्टर बालू की अवैध ढुलाई की जा रही है। यह बालू आसनसोल के विभिन्न इलाकों में आपूर्ति की जा रही है, जबकि कुछ स्थानों पर अस्थायी बालू डिपो भी बना लिए गए हैं, जहाँ से मांग के अनुसार ग्राहकों को बालू पहुंचाई जा रही है।

बताया जा रहा है कि इन इलाकों में बालू माफियाओं का प्रभाव इतना मजबूत हो चुका है कि यदि कोई स्थानीय नागरिक इस अवैध कारोबार का विरोध करता है, तो उसे दबाने के लिए तरह-तरह के दबाव और हथकंडे अपनाए जाते हैं। विरोध की आवाज़ों को कुचलने वाला कोई तंत्र सक्रिय रूप से नजर नहीं आता, जिसके चलते इन तत्वों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है।

स्थिति केवल हीरापुर तक सीमित नहीं है। आसनसोल के पांडेश्वर, डामरा और तिराट जैसे क्षेत्रों में भी अवैध बालू खनन और तस्करी का यही हाल बताया जा रहा है।

इस पूरे मामले पर पश्चिम बर्दवान एआईएमआईएम के जिला अध्यक्ष दानिश अज़ीज़ ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कोयले के बाद अब शिल्पांचल क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार तेजी से फैल रहा है और इससे होने वाली कमाई कई मामलों में अवैध कोयला तस्करी से भी अधिक बताई जा रही है।

दानिश अज़ीज़ के अनुसार, वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान अवैध कोयला तस्करी से जुड़े पैसों का राजनीतिक फंडिंग में इस्तेमाल हुआ था, और अब 2026 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए अवैध बालू तस्करी से जुटाई जा रही राशि का उपयोग इसी उद्देश्य से किए जाने की आशंका है। उनका आरोप है कि यही वजह है कि बालू माफियाओं को खुलेआम काम करने की छूट मिल रही है।

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